देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीदा दे दिया है। उन्होंने खराब स्वास्थय का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है। धनखड़ ने राष्ट्रपति को लिखी चिट्ठी में इस्तीफा देने की बात कही है।
राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए अपने पत्र में जगदीप धनखड़ ने लिखा कि स्वास्थ्य सेवा को प्राथमिकता देने और चिकित्सीय सलाह का पालन करने के लिए,मैं संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के अनुसार, तत्काल प्रभाव से भारत के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देता हूं।
राष्ट्रपति को लिखे पत्र में जगदीप धनखड़ ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि मैं महामहिम भारत की माननीय राष्ट्रपति जी के प्रति उनके अटूट समर्थन और मेरे कार्यकाल के दौरान हमारे बीच बने सुखद और अद्भुत कार्य संबंधों के लिए अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। मैं माननीय प्रधान मंत्री और सम्मानित मंत्रिपरिषद के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। प्रधान मंत्री का सहयोग और समर्थन अमूल्य रहा है और मैंने अपने कार्यकाल के दौरान बहुत कुछ सीखा है। सभी माननीय संसद सदस्यों से मुझे जो गर्मजोशी, विश्वास और स्नेह मिला है, वह हमेशा मेरी स्मृति में रहेगा।
इस प्रतिष्ठित पद से विदा लेते हुए मैं भारत के वैश्विक उत्थान और अभूतपूर्व उपलब्धियों पर गर्व महसूस कर रहा हूं और इसके उज्ज्वल भविष्य में अटूट विश्वास रखता हूं।
बता दें कि उपराष्ट्रपति के तौर पर जगदीप धनखड़ का कार्यकाल साल 2027 तक था लेकिन दो साल पहले ही उन्होंने स्वास्थय कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है। इस वक्त संसद का मानसून सत्र चल रहा है और आज पहला ही दिन था। ऐसे में उपराष्ट्रपति के इस्तीफा हर किसी को चौंकाने वाला था।
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जगदीप धनखड़ 2022 में भारत के 14वें उपराष्ट्रपति बने थे। 6 अगस्त 2022 को उपराष्ट्रपति का चुनाव हुआ था और जगदीप धनखड़ ने मार्गरेट अल्वा को ये चुनाव हराया था। उपराष्ट्रपति बनने से पहले वह पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे। वह राजस्थान के झुंझुनू जिले के रहने वाले हैं।