सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Examination) की तैयारी करने वाले लाखों उम्मीदवारों के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने एक बहुत बड़ी खुशखबरी दी है। आयोग ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और छात्र-अनुकूल बनाने के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव का ऐलान किया है। नए नियम के मुताबिक, अब यूपीएससी प्रीलिम्स (Prelims) परीक्षा संपन्न होने के तुरंत बाद ही आधिकारिक आंसर-की (Official Answer Key) जारी कर दी जाएगी।

अब तक के नियमों के अनुसार, यूपीएससी पूरे एग्जाम की प्रक्रिया (प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू) खत्म होने और फाइनल रिजल्ट आने के बाद ही प्रीलिम्स की आंसर-की जारी करता था। इस वजह से छात्रों को लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब यह इंतजार पूरी तरह खत्म हो गया है।

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क्यों खास है यह बदलाव?

  1. मेन्स (Mains) की तैयारी के लिए नहीं होगा कन्फ्यूजन
    पहले आंसर-की न होने के कारण बॉर्डर पर रहने वाले छात्र (जिन्हें अपने स्कोर को लेकर संदेह होता था) यह तय नहीं कर पाते थे कि उन्हें मुख्य परीक्षा (Mains) की तैयारी शुरू करनी चाहिए या नहीं। अब तुरंत आंसर-की आने से छात्र अपने अंकों का सटीक मिलान कर सकेंगे और बिना समय गंवाए मेन्स की तैयारी में जुट सकेंगे।
  2. पारदर्शिता (Transparency) में होगा बड़ा सुधार
    हाल के वर्षों में परीक्षा के तुरंत बाद आंसर-की जारी करने को लेकर छात्रों और विशेषज्ञों द्वारा लगातार मांग की जा रही थी। इस कदम से यूपीएससी की मूल्यांकन प्रक्रिया पर छात्रों का भरोसा और मजबूत होगा। अगर किसी प्रश्न के उत्तर को लेकर कोई आपत्ति होगी, तो उसे भी समय रहते सुलझाया जा सकेगा।
  3. कोचिंग सेंटर्स के दावों पर लगेगा लगाम
    एग्जाम खत्म होते ही अलग-अलग कोचिंग सेंटर्स अपनी-अपनी आंसर-की जारी कर देते थे, जिनमें अक्सर काफी अंतर होता था। इससे उम्मीदवारों में भारी भ्रम (Confusion) पैदा हो जाता था। अब आधिकारिक आंसर-की तुरंत मिलने से छात्रों को सटीक और विश्वसनीय सोर्स मिल जाएगा।

कब से लागू होगा नया नियम?
यूपीएससी के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह नया नियम आगामी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा से ही लागू कर दिया जाएगा। परीक्षा समाप्त होने के कुछ ही दिनों के भीतर आयोग अपनी आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर प्रश्न पत्र के सभी सेट्स की आंसर-की अपलोड कर देगा, जहां से उम्मीदवार इसे आसानी से डाउनलोड कर सकेंगे।

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विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में यूपीएससी का यह कदम देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा को और अधिक आधुनिक, पारदर्शी और युवाओं के अनुकूल बनाएगा।

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