उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर विपक्षी गठबंधन में सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. सीट बंटवारे को लेकर बैठकों और मुलाकातों का दौर जारी है. इसी क्रम में लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सुनील सिंह ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव, गठबंधन की रणनीति और किसानों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की बात सामने आई है.
इससे पहले चौधरी सुनील सिंह ने 18 सितंबर को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात की थी. उस मुलाकात में 2027 के विधानसभा चुनाव और गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा हुई थी. लोकदल की ओर से करीब 35 विधानसभा सीटों पर दावा किए जाने की बात सामने आई थी.
लोकदल ने रखी 35 सीटों की मांग
लोकदल सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने INDIA गठबंधन में करीब 35 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है. पार्टी का तर्क है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उन सीटों पर उसे मौका दिया जाए, जहां किसान और जाट मतदाताओं के बीच पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन बनाने की तैयारी कर रही है. हालांकि, अभी सीटों के बंटवारे को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है. लोकदल और सपा के बीच सीटों को लेकर बातचीत आगे भी जारी रहने की संभावना है.
किसानों के मुद्दे पर भी हुई चर्चा
न्यूज 24 को मिली जानकारी के अनुसार, लोकदल उन सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है जहां RLD और जयंत चौधरी चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे हैं. राहुल गांधी और सुनील सिंह की मुलाकात में किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत हुई. लोकदल की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत किसानों से जुड़े विषयों को चुनावी चर्चा में प्रमुखता से उठाने की मांग रखी गई. लोकदल लंबे समय से किसानों, ग्रामीण इलाकों, युवाओं और रोजगार से जुड़े मुद्दों को अपने राजनीतिक एजेंडे का हिस्सा बताता रहा है. अखिलेश यादव से हुई पिछली मुलाकात में भी किसान, गरीब, रोजगार, महंगाई और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जानकारी सामने आई थी.
पश्चिमी यूपी पर लोकदल की नजर
चौधरी सुनील सिंह की सक्रियता को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. लोकदल की ओर से 35 सीटों पर तैयारी की बात ऐसे समय में सामने आई है, जब 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर विभिन्न दल पश्चिमी यूपी में अपने संगठन और राजनीतिक समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं. आपको बता दें कि लोकदल और राष्ट्रीय लोकदल (RLD) अलग-अलग राजनीतिक दल हैं. सुनील सिंह के नेतृत्व वाला लोकदल खुद को चौधरी चरण सिंह की राजनीतिक विरासत से जोड़ता है. पार्टी की कोशिश पश्चिमी यूपी में किसानों और जाट मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की है.