हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

पाकिस्तान में बढ़ी भूख और कुपोषण, भारत ने लाखों लोगों को भुखमरी से निकाला; UN की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

एक तरफ दुनियाभर में जहां भुखमरी से लोगों को निकालने की दिशा में तेजी से काम चल रही है, वहीं पड़ोसी देश के आंकड़े परेशान कर देते हैं. भारत के साथ आजादी हुआ पाकिस्तान आज भी लोगों की मूल्य जरूरतों को पूरा करने में काफी पीछे दिखाई दे रहा है. जिसकी सारी पोल खुद UN की एक रिपोर्ट ने खोली है.

विज्ञापन
भारत और पाकिस्तान में भुखमरी की तुलना (Image:AI/Pexels)

खबर की मुख्य बातें:-

  • संयुक्त राष्ट्र (UN) की नई रिपोर्ट में भारत और पाकिस्तान की खाद्य सुरक्षा को लेकर बड़ा अंतर सामने आया.
  • भारत में पिछले दो दशकों में कुपोषित लोगों की संख्या में बड़ी कमी दर्ज की गई है.
  • पाकिस्तान में इसी दौरान भुखमरी और कुपोषण से प्रभावित लोगों की संख्या बढ़ी है.
  • रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर भी भूख के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है.

भारत और पाकिस्तान के बीच अंतर को लेकर बड़ी रिपोर्ट सामने आई है, जिसकी जानकारी होना आपके लिए जरूरी है. दरअसल, संयुक्त राष्ट्र (UN) की हालिया ‘द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड’ की एक रिपोर्ट में दोनों देशों के खाद्य सुरक्षा को लेकर बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला है, जिसने पाकिस्तान के हालात का बड़ा जायजा दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दशकों में जहां भारत ने कुपोषण और भुखमरी को कम करने की दिशा में बड़े कदम उठाकर प्रगति की है, वहीं पाकिस्तान में कुपोषित लोगों की संख्या में इजाफा देखने को मिला है. रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के कई देशों ने खाद्य सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाए हैं, लेकिन सभी देशों ने इसमें बेहतरी नहीं हासिल कर पाई है. भारत-पाकिस्तान ने साथ में आजादी हासिल की थी, लेकिन आज दोनों के बीच अंतर बड़ा देखने को मिला है, जिसने पाकिस्तान को चर्चा का विषय बना दिया है.

यह भी पढ़ें:- आज 6 दिन के ब्रेक के बाद शुरू हुई वैष्णो देवी-अमरनाथ यात्रा, श्रद्धालुओं को करना होगा जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन

विज्ञापन

दुनिया में क्या है भुखमरी का हाल?

UN की रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में भुखमरी के आंकड़ों में अच्छा बदलाव देखने को मिला है, जो बताती है कि कई देशों ने नागरिकों को बेहतर जिंदगी देने और मूल्य जरूरतों को पूरा करने में काम कर रही है. इसी मेहनत के कारण दुनियाभर में भुखमरी के आंकड़ों में लगातार तीसरे साल गिरावट दर्ज की गई है. आंकड़े बताते हैं कि साल 2022 में जहां दुनिया की 8.6% आबादी भुखमरी का शिकार थी, वहीं 2025 में यह घटकर 7.8% (लगभग 64.5 करोड़ लोग) रह गई है.

भारत में कैसे हैं कुपोषण के मामले?

आजादी के बाद से भारत की आबादी में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है, ऐसे में भुखमरी के खिलाफ जंग आसान नहीं था. लेकिन इस जंग में जीत हासिल करने के लिए कई बड़ी योजनाओं और कदम उठाए गए, जिसका असर ये रहा है कि साल 2004-2006 के दौरान भारत में जो 24.39 करोड़ लोग कुपोषित से जूझ रहे थे, साल 2023-2025 तक उनकी संख्या घटकर 14.25 करोड़ रह गई है. यानी भारत ने लगभग 41.6 प्रतिशत की कमी दर्ज की है. इसके अलावा, पौष्टिक भोजन उपलब्ध न होने की समस्या से जूझने वाले लोगों की संख्या में भी बड़ी गिरावट आई है.

विज्ञापन

भारत में कई योजनाओं पर तेजी से चल रहा काम

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 में भारत की 35.5% आबादी यानी लगभग 49.5 करोड़ लोग पौष्टिक आहार खरीदने में असमर्थ हैं. हालांकि, साल 2017 के आंकड़ों को देखें तो ऐसे लोगों की संख्या 81 करोड़ थी, जिनकी पहुंच पौष्टिक आहार तक नहीं थी. यानी पिछले आठ सालों में करीब 32 करोड़ लोग इस स्थिति से बाहर निकले हैं. इसके बावजूद बड़ी आबादी होने के वजह से भारत आज भी दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां सबसे ज्यादा लोग पौष्टिक भोजन खरीद नहीं पाते हैं.

पाकिस्तान में बढ़ती भुखमरी का क्या है कारण

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में स्थिति इसके भारत की तुलना में काफी अलग दिखाई दी. साल 2004-2006 के दौरान जहां लगभग 2.96 करोड़ लोग कुपोषण का शिकार थे, वहीं साल 2023-2025 के दौरान यह संख्या बढ़कर करीब 4.04 करोड़ पहुंच गई. यानी करीब 36.5 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है. इसी तरह पर्याप्त और पौष्टिक भोजन नहीं जुटा पाने वाले लोगों की संख्या भी लगातार बढ़ी है. रिपोर्ट यह संकेत देती है कि आर्थिक चुनौतियां, महंगाई, खाद्य संकट और अन्य समस्याओं का असर आम लोगों की जीवनशैली पर साफ दिखाई दे रहा है. माना जा रहा है कि पाकिस्तान की सरकार का सिर्फ युद्ध पर ध्यान रहना. उनकी जनता को बड़ी मुसीबत में धकेल रहा है, जिसपर वक्त रहते काबू पाना काफी जरूरी है.

विज्ञापन

दुनियाभर में क्या है भुखमरी के आंकड़े?

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट बताती है कि पूरी दुनिया में भूख से प्रभावित लोगों की संख्या में कमी दर्ज की गई है. साल 2022 में जहां वैश्विक स्तर पर लगभग 8.6 प्रतिशत आबादी भुखमरी से प्रभावित थी, वहीं साल 2025 तक यह आंकड़ा घटकर करीब 7.8 प्रतिशत रह गया है. इसमें एशिया में सबसे ज्यादा सुधार देखने को मिला है.

मुख्य निष्कर्ष:- संयुक्त राष्ट्र की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो दशकों में भारत ने कुपोषण और भुखमरी कम करने की दिशा में शानदार प्रगति की है, जबकि पाकिस्तान में कुपोषित लोगों की संख्या बढ़ी है. इसका सीधा मतलब है कि दोनों देशों में सरकारी योजनाओं और खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम का क्या हाल है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें:- PM मोदी का इंस्टाग्राम मंत्र! मंत्रियों से बोले- रील्स बनाइए, जानिए उनकी कैबिनेट में किससे कितने

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं. अज़हर नईम News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में कार्यरत हैं. यहां वह मुख्य रूप से लाइफस्टाइल, हेल्थ और वायरल सेक्शन से जुड़ी खबरें लिखते हैं. उन्होंने साल 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान उन्होंने इंडिया न्यूज और खबरफास्ट जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम किया, जहां उन्हें डिजिटल न्यूज रिपोर्टिंग और कंटेंट लेखन का अनुभव मिला. इसके बाद उन्होंने एक साल से ज्यादा समय तक (2024-2026) इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में ट्रेनी के तौर पर काम किया और हेल्थ, लाइफस्टाइल, वायरल, ट्रेंडिंग, न्यूज और टेक्नोलॉजी समेत कई बीट्स पर डिजिटल कंटेंट तैयार किया. अपने अब तक के अनुभव में अज़हर डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स को समझने, SEO-फ्रेंडली कंटेंट तैयार करने और पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए उपयोगी व आकर्षक स्टोरीज लिख रहे हैं. अज़हर नईम का पत्रकारिता में अनुभव कुल अनुभव: 2 साल से ज्यादा योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: उन्होंने श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री हासिल की. पिछला अनुभव: अज़हर ने न्यूज 24 से पहले इंडिया न्यूज़, खबरफास्ट और इंडिया डॉट कॉम (Zee Media) में अपनी पत्रकारिता की समझ और अनुभव को और मजबूत किया. अपने प्रोफेशनल सफर में उन्होंने दिल्ली ब्लास्ट, जम्मू-कश्मीर ब्लास्ट, ईरान-अमेरिका युद्ध, रूस-यूक्रेन युद्ध और कई विधानसभा चुनावों के अलावा लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसे विविध विषयों पर कंटेंट तैयार किया है. विशेषज्ञता और फोकस अज़हर नईम को लाइफस्टाइल और हेल्थ का खासा अनुभव है, वह इन खबरों को आसान भाषा में समझाने में माहिर हैं और इन्हीं से जुड़ी स्टोरी पर लगातार काम कर रहे हैं. इसके अलावा उन्हें टिप्स और ट्रिक्स, स्किन केयर, हेयर केयर, किचन-गार्डनिंग और फैशन से जुड़ी खबरों में भी महारत हासिल है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola