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होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए 60 देशों की हुई 'महाबैठक', जानिए- भारत ने क्या कहा?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की इकॉनमी के लिए बहुत जरूरी है. दुनिया की 20% एनर्जी सप्लाई इसी संकरे रूट से होकर गुजरती है. इस रूट को ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद बंद कर दिया था.

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होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए ब्रिटेन की ओर से बुलवाई गई ग्लोबल समिट में भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए. बैठक में भारत समेत 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया था. विदेश सचिव सचिव विक्रम मिसरी ने नेविगेशन की स्वतंत्रता और ऊर्जा सुरक्षा के सवाल को उठाया और साथ ही जोर देकर कहा कि खाड़ी हमलों में भारतीय नाविकों की मौत हुई और भारत को नुकसान हुआ है. इसके साथ ही उन्होंने तनाव कम करने के लिए कूटनीति पर जोर दिया.

बता दें, सभी देशों के प्रतिनिधि इस बैठक में वर्चुअल तौर पर जुड़े थे. हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि इस बैठक में अमेरिका शामिल नहीं हुआ.

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बता दें, बुधवार को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस ग्लोबल समिट को लेकर कहा था. इससे एक दिन पहले ट्रंप ने सीधे तौर पर ब्रिटेन को दो टूक लहजे में कहा था कि अगर ब्रिटेन इस युद्ध में अमेरिका का साथ नहीं देता, तो भविष्य में अमेरिका उसकी कोई मदद नहीं करेगा. ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा था कि ब्रिटेन को अगर होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल लेना है तो वह खुद वहां जाकर उसे खुलवाएं. उन्होंने साथ ही कहा था कि अगर होर्मुज नहीं खुलवा सकते तो अमेरिका से तेल खरीद सकते हैं.

ट्रंप के इस बयान का जवाब देते हुए अगले दिन पीएम स्टार्मर ने कहा कि ये हमारा युद्ध नहीं है और होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने के लिए ग्लोबल समिट करेंगे.

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क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया की इकॉनमी के लिए बहुत जरूरी है. दुनिया की 20% एनर्जी सप्लाई इसी संकरे रूट से होकर गुजरती है. इस रूट को ईरान ने अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद बंद कर दिया था. ईरान ने किसी भी ऑयल टैंकर को यहां से नहीं निकलने दिया. जिसकी वजह से करीब 2000 टैंकर यहां फंसे हुए हैं. हालांकि, कुछ देशों के टैंकरों को बिना किसी रुकावट के आने जाने दिया गया. इनमें भारत के भी कुछ टैंकर शामिल हैं.

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भारत की बात करें तो लगभग 40% क्रूड ऑयल, 50% लिक्विफाइड नेचुरल गैस, और 80% से ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) इसी रास्ते से होकर आता है.

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लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
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