प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम–संशोधित उड़ान (UDAN) को मंजूरी दे दी है. यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक 10 वर्षों के लिए लागू रहेगी, जिसके लिए कुल ₹28,840 करोड़ का प्रावधान किया गया है.

सरकार का लक्ष्य इस योजना के जरिए देश के दूर-दराज और कम सेवा वाले क्षेत्रों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ना है. इससे खासकर टियर-2 और टियर-3 शहरों में आर्थिक गतिविधियों, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, साथ ही आम लोगों के लिए हवाई यात्रा और सस्ती होगी.

---विज्ञापन---

योजना के तहत अगले आठ वर्षों में करीब 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा, 441 क्षेत्रीय हवाई अड्डों के संचालन और रखरखाव के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी. दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 200 आधुनिक हेलिपैड भी बनाए जाएंगे.

---विज्ञापन---

एयरलाइंस कंपनियों को नए रूट्स पर संचालन के लिए वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) के रूप में करीब ₹10,043 करोड़ की मदद दी जाएगी, ताकि वे इन क्षेत्रों में सेवाएं जारी रख सकें.

इसके साथ ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत स्वदेशी एविएशन सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए HAL ध्रुव हेलीकॉप्टर और डॉर्नियर विमान खरीदे जाएंगे.

सरकार का मानना है कि इस योजना से न केवल देश में हवाई नेटवर्क मजबूत होगा, बल्कि रोजगार, आपातकालीन सेवाओं और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिलेगी, जो ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी.