Muslim Faces of BJP New Team: बीजेपी ने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया है. चूंकि साल 2027 में यूपी विधानसभा चुनाव होना है, इसलिए लिस्ट में कई ऐसे चेहरों को शामिल किया गया जिससे सभी समुदायों को वोटर्स को लुभाया जा सके. इस में चर्चा का केंद्र उत्तर प्रदेश के 2 मुस्लिम नेता बने हैं जिन्हें पार्टी ने बड़ी जिम्मेदारियां दी गईं हैं. प्रोफ्रेसर तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है.
कौन हैं तारिक मंसूर अली?
प्रोफेसर तारिक मंसूर का जन्म 20 सितंबर 1956 में हुआ है, वो 17 मई 2017 से लेकर 02 अप्रैल 2023 तक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर रहे हैं. साल 2023 में उन्हें यूपी विधान परिषद के सदस्य के तौर पर नॉमिनेट किया गया. वो वो पद्म पुरस्कार समिति 2023 के सदस्य भी रहे.
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तारिक मंसूर ने एकेडमिक्स के फील्ड में काफी तजुर्बा हासिल किया है. वो अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ सर्जरी में प्रोफेसर के तौर पर काम कर चुके हैं. वो पॉलिटिकल एनालिस्ट के तौर पर भी काम करते रहे हैं. बीजेपी की नई टीम में उन्हें इसलिए मौका मिला है ताकि पसमांदा मुस्लिमों के बीच पार्टी की पॉपुलैरिटी को और बेहतर किया जा सके.
कौन हैं कुंवर बासित अली?
बीजेपी ने कुंवर बासित अली को अहम जिम्मेदारी देकर एक बड़ा संदेश दिया है. वो काफी वक्त से राजनीतिक तौर पर एक्टिव रहे हैं, उन्हें इससे पहले यूपी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिल चुकी है. बासिल अली भाजपा के लिए 'कौमी चौपाल', 'मोदी मित्र' और 'मदरसों और दरगाहों में योग सत्र' जैसे कैंपेन चला चुके हैं. जब भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी के दौरे पर थे तब मुस्लिम कम्यूनिटी से मुलाकात कराने की जिम्मेदारी उनकी ही थी. पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है.
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मुस्लिम चेहरों पर भरोसा क्यों?
भारतीय जनता पार्टी के लिए अगले साल होने वाला यूपी विधानसभा चुनाव बेहद अहम है. राष्ट्रीय सत्ताधारी दल 2027 में सबसे ज्यादा आबादी वाले प्रदेश में जीत की हैट्रिक लगाना चाहती है. तारिक मंसूर और कुंवर बासित अली की यूपी के मुस्लिम समुदाय के बीच काफी पॉपुलर हैं, ऐसे में बीजेपी की कोशिश समाजवादी पार्टी के पारंपरिक वोट में सेंधमारी करने की होगी.
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