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‘ट्रंप टैरिफ बड़ा झटका है, लेकिन आपदा नहीं’, पूर्व राजनयिक महेश सचदेव ने Tariffs पर दिया बयान

Trump Tariffs: ट्रंप टैरिफ पर भारतीयों ने तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की है। देश के पूर्व राजनयिक महेश सचदेव और पूर्व राज्य मंत्री एमजे अकबर ने भी टैरिफ पर बात की है। दोनों ने ट्रंप के टैरिफ को झटका और टेंशन बताया है, लेकिन ऐसी आपदा नहीं, जिससे भारत को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।

ट्रंप के टैरिफ को भारत ने अन्यायपूर्ण फैसला बताया है।

Trump Tariffs Update: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के 50 प्रतिशत टैरिफ पर भारत की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की जा रही हैं। पूर्व वरिष्ठ राजनयिक महेश सचदेव ने ट्रंप के टैरिफ को झटका बताया है, लेकिन यह भी कहा कि ट्रंप टैरिफ कोई आपदा नहीं है। वहीं पूर्व राज्य मंत्री एमजे अकबर ने कहा कि ट्रंप टैरिफ शक्ति प्रदर्शन का प्रयास है, लेकिन इससे अमेरिका की कमजोर होगा, भारत टैरिफ से निपटने में सक्षम है।

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30 अरब डॉलर का निर्यात टैरिफ से बाहर

महेश सचदेव का कहना है कि 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी थी, जो भारत का प्रमुख त्योहार है। इस अवसर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और भारत के द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को लेकर एक नए युग की शुरुआत की, लेकिन बताना चाहूंगा कि बेशक अमेरिका का 50 प्रतिशत टैरिफ भारत के 60.2 अरब डॉलर के निर्यात पर लगा है, लेकिन 30 अरब डॉलर का निर्यात टैरिफ के दायरे से बाहर है। टेक्सटाइल, रत्न, आभूषण और समुद्री खाद्य पदार्थों पर टैरिफ का असर पड़ेगा। चमड़ा और जूता इंडस्ट्री भी प्रभावित होगी।

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मेक इन इंडिया पर फोकस का दिया सुझाव

लेकिन भारतीय निर्यातक इस बात को समझें कि ट्रंप का 50 प्रतिशत टैरिफ अर्थव्यवस्था, GDP और इंडस्ट्री के लिए बड़ा और गंभीर झटका हो सकता है, लेकिन यह एक ऐसी आपदा नहीं है, जिससे हम बाहर ही नहीं निकल सकते हैं या हमें बहुत भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी भी कह चुके हैं कि भारत पर चाहे कितना भी आर्थिक दबाव आए, हम उसे झेलने के लिए तैयार हैं और अपनी ताकत बढ़ाते रहेंगे। आज आत्मनिर्भर भारत अभियान चरम पर है और भारत मेक इन इंडिया की राह पर चल पड़ा है तो डर किस बात का है।

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2 किस्तों में लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ

बता दें कि भारत पर 25 और 25 यानी 2 किस्तों में कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ड्राफ्ट नोटिस अमेरिकी सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (CBP) द्वारा जारी किया गया था। इस आदेश में टैरिफ को रूस की सरकार द्वारा अमेरिका के लिए पैदा किए गए खतरे का समाधान बताया गया। भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने का ऐलान किया गया। अब भारत से अमेरिका में उपभोग के लिए भेजे जाने वाले सभी उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगेग। अमेरिका ने 30 जुलाई और 6 अगस्त को भारत पर टैरिफ का ऐलान किया।

ट्रंप ने टैरिफ पर लिखी थी स्पेशल पोस्ट

टैरिफ की व्याख्या करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर लिखा था कि भारत अमेरिका का मित्र देश है, लेकिन पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच कम व्यापार हुआ, क्योंकि भारत ने अमेरिका पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाया है। भारत हमेशा से ही रूस से सैन्य उपकरण खरीदता आया है। चीन के साथ भारत ही रूस के लिए सबसे बड़ा खरीदार है, लेकिन यूक्रेन में हो रही हत्याओं को रोकना जरूरी है। इसके लिए रूस पर दबाव बनाना होगा। भारत रूस का सबसे बड़ा खरीदार है तो संघर्ष रुकवाने में भारत को थोड़ा सहयोग करना होगा।

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