हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: India blocGyanesh KumarBigg Boss 20

पूर्व CJI वाईके सभरवाल के बेटों की बढ़ीं मुश्किलें, दिल्ली में प्रॉपर्टी और शेयर बिक्री की आयकर विभाग करेगा जांच

Supreme Court: आयकर विभाग की जांच में सामने आया कि शेयरों की बिक्री से प्राप्त रकम का बड़ा हिस्सा सिकंदरा रोड की संपत्ति खरीदने में लगाया गया था. दोनों भाइयों ने इस निवेश के आधार पर आयकर कानून की धारा 54F के तहत कैपिटल गेन टैक्स में छूट का दावा किया था.

विज्ञापन
विवाद दिल्ली के सिकंदरा रोड पर अप्रैल 2010 में खरीदी गई एक महंगी संपत्ति से जुड़ा है. (Photo: ANI)

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) वाईके सभरवाल के बेटों चेतन सभरवाल और नितिन सभरवाल की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों भाइयों से जुड़े शेयरों की खरीद-बिक्री और दिल्ली में संपत्ति खरीदने के मामले में आयकर विभाग की दोबारा जांच का रास्ता साफ कर दिया है. कोर्ट ने वित्त वर्ष 2008-09 और 2009-10 के लिए जारी री-असेसमेंट नोटिस को वैध ठहराते हुए दोनों की चार अपीलें खारिज कर दीं. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की पीठ ने यह फैसला सुनाया.

क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि ये पूरा विवाद दिल्ली के सिकंदरा रोड पर अप्रैल 2010 में खरीदी गई एक महंगी संपत्ति से जुड़ा है. आयकर विभाग को आशंका थी कि इस संपत्ति को खरीदने के लिए इस्तेमाल की गई रकम दो कंपनियों के शेयर बेचकर जुटाई गई थी. विभाग ने शेयरों की बिक्री के दौरान तय की गई कीमत और कंपनियों की वास्तविक संपत्तियों के मूल्य के बीच बड़े अंतर पर सवाल उठाए थे.

यह भी पढ़ें: ‘न्याय और अन्याय के बीच अंतर…’, भारत की अदालतों में लंबित मामलों पर CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान

विज्ञापन

दरअसल, अक्टूबर 2007 में चेतन और नितिन सभरवाल समेत चार शेयरधारकों ने पवन इम्पेक्स प्राइवेट लिमिटेड और एसवीआईआईटी सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के शेयर जीवाईएस रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड को बेचने का समझौता किया था. इसके तहत दोनों कंपनियों के शेयरों की कीमत लगभग 195 करोड़ और 60 करोड़ रुपये तय की गई थी. समझौते के अनुसार, प्रत्येक शेयरधारक को बिक्री की कुल रकम का 25 फीसदी हिस्सा मिलना था.

शेयरों की कीमत और टैक्स छूट पर सवाल

आयकर विभाग की जांच में सामने आया कि शेयरों की बिक्री से प्राप्त रकम का बड़ा हिस्सा सिकंदरा रोड की संपत्ति खरीदने में लगाया गया था. दोनों भाइयों ने इस निवेश के आधार पर आयकर कानून की धारा 54F के तहत कैपिटल गेन टैक्स में छूट का दावा किया था. हालांकि, विभाग को संदेह था कि शेयरों की कीमत वास्तविक मूल्य से अधिक दिखाई गई और इसके जरिए टैक्स देनदारी को प्रभावित किया गया.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: शेयर बाजार में तूफानी तेजी! सेंसेक्स 1,000 अंक उछला, निफ्टी 23,300 के पार; रिलायंस के नतीजों ने भरा दम

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola