Supreme Court: दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट में 18 अगस्त को 2 महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुनवाई होनी है। सैन्य संस्थानों में ट्रेनिंग के दौरान दिव्यांग होने पर ऑफिस कैडेट की समस्याओं पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत संज्ञान लिया है। कोर्ट का कहना है कि मेडिकल आधार पर कैडेटों को लिमिटेड अनुग्रह भुगतान मिलता है, वह बेहद कम है।
वहीं झारखंड डीजीपी नियुक्ति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। कोर्ट में डीजीपी अनुराग गुप्ता की नियुक्ति पर सवाल उठाती हुई एक याचिका दायर हुई है। केंद्र सरकार ने उनकी सेवा विस्तार को मना कर दिया है जबकि राज्य सरकार उन्हें पद पर बनाए रखा है।

आईएमए और एनडीए के लिए होगा फैसला

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) में सेना के अधिकारियों की ट्रेनिंग होती है। ट्रेनिंग के दौरान अगर कोई कैडेट घायल हो जाता है तो उसे मेडिकल के आधार पर बाहर कर दिया जाता है। दिव्यांगता के आधार पर अधिकतम 40 रुपये का अनुग्रह भुगतान मिलता था। सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया रिपोर्ट के आधार पर मामले में स्वत: संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और आर महादेवन की पीठ मामले की सुनवाई करेगी।

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500 कैडेट हुए बाहर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार साल 1985 से अब तक 500 ऐसे कैडेट हैं, जिन्हें मेडिकल अनफिट बताकर ट्रेनिंग से बाहर कर दिया गया है। वहीं साल 2021 से 2025 के बीच ऐसे कैडेटों की संख्या 20 है। रिपोर्ट में कैडेटों की दुर्दशा को विस्तार से बताया गया है। नियम के हिसाब से ट्रेनिंग में घायल होने से बाहर होने वाले कैडेट पूर्व सैनिक का भी दर्जा नहीं मिलता है। इस वजह से उन्हें पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के तहत सैन्य सुविधाओं और फ्री इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती है।

क्या है डीजीपी का पूरा विवाद?

सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं जिसमें झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। याचिका में बताया गया कि डीजीपी की नियुक्ति में सही प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ। झारखंड विधानसभा में विपक्ष नेता बाबूलाल मरांडी ने भी याचिका दी थी।

डीजीपी अनुराग गुप्ता गत 30 अप्रैल को अपनी 60 साल की आयु पूरी कर चुकें हैं। केंद्र सरकार के नियमों के तहत इन्हें रिटायर हो जाना चाहिए। लेकिन राज्य सरकार ने उनके कार्यकाल बढ़ाने के लिए केंद्र को पत्र लिखा। दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार ने इसके लिए मना कर दिया। बावजूद इसके अनुराग गुप्ता को डीजीपी बनाया हुआ है। केंद्र ने कई बार डीजीपी गुप्ता को हटाने के लिए पत्र लिखा है। अब मामले में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

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