पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और भवानीपुर से टीएमसी (TMC) उम्मीदवार ममता बनर्जी ने पूर्व बर्धमान की रैली में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है. बंगाली अस्मिता, खान-पान की आजादी और बढ़ती महंगाई को ढाल बनाते हुए ममता ने केंद्र सरकार को सीधी चुनौती दी. उन्होंने न केवल गैस सिलेंडरों की आसमान छूती कीमतों पर सवाल उठाए, बल्कि राष्ट्रपति शासन की चर्चाओं पर भी दो-टूक कहा कि वे 'अकेली ही सौ के बराबर हैं.'

'क्या फिर से चलाएंगे बैलगाड़ी?'

ईरान जंग की वजह से हो रही एनर्जी क्राइसिस के बीच ममता बनर्जी ने कहा, 'हमें नहीं पता कि हमें दो दिन में गैस मिलेगी या नहीं. हमें फिर से बैलगाड़ी की सवारी करनी पड़ेगी. याद है मोदी के सत्ता में आने से पहले गैस की कीमत क्या थी? 400 रुपये. आज यह 1100 रुपये है. 700 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, और वह भी चुपचाप. मैंने उसी दिन एक मीटिंग बुलाई थी जिस दिन मैंने सुना था कि 25 दिन के इंतजार के बाद गैस मिलेगी. अगर महिलाओं को 25 दिन के इंतजार के बाद गैस मिलेगी, तो वे खाना कैसे बनाएंगी?'

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इसके अलावा उन्होंने कहा, अगर प्रेसिडेंट रूल भी लग जाए, तो मैं अकेली सौ के बराबर हूं. कुछ लोग कह रहे थे कि वे लॉकडाउन लगाने की बात कर रहे हैं. इतिहास खुद को दोहराता है. अगर मैं COVID-19 महामारी के दौरान चुनाव करा सकती हूं, तो मैं अभी करा सकती हूं.

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'मैंने अकेले लड़ी लड़ाई'

साथ ही सीएम ममता बनर्जी ने कहा, 'अब उनसे कहा जा रहा है कि वे अपने राज्य में मीट नहीं खा सकते, अंडे नहीं खा सकते, बंगाली नहीं बोल सकते, और अगर वे बंगाली बोलते भी हैं, तो उन्हें बांग्लादेशी माना जाएगा. उन्हें अरेस्ट किया जाएगा, पीटा जाएगा, टॉर्चर किया जाएगा, और उनके नाम हटा दिए जाएंगे. किसी भी पॉलिटिकल पार्टी ने इसके लिए लड़ाई नहीं लड़ी, और मैंने अकेले सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ाई लड़ी. आज तक पता नहीं चला कि किसका नाम हटाया गया है. अगर उनमें हिम्मत है, तो BJP लिस्ट जारी करे.'