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कौन है 8वीं पास सुमित? जो टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हुआ गिरफ्तार, मां बोली-बेटा बेगुनाह

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में हथियार सप्लाई के आरोप में गिरफ्तार सुमित की मां ने बेटे को बेकसूर बताया है. मां का कहना है कि 8वीं पास सुमित पिछले तीन साल से एक कपड़े की दुकान पर काम कर रहा था. इलाके के लोग उसके सीधे व्यवहार से वाकिफ हैं, वह हथियार तो दूर किसी पर डंडा चलाने की भी हिम्मत नहीं रखता.

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टाइगर श्रॉफ के घर बाहर हुई फायरिंग मामले में गिरफ्तार हथियार सप्लायर सुमित की मां ने बेटे को बेकसूर बताया है. File Photo

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ के घर के बाहर हुई फायरिंग मामले में एक चौंकाने वाला नाम सामने आया है सुमित. पुलिस ने सुमित को इस हाई-प्रोफाइल मामले में हथियार सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया है, लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद सुमित की पारिवारिक पृष्ठभूमि और उसकी असल जिंदगी को लेकर कई बातें सामने आ रही हैं. परिवार के मुताबिक, सुमित कोई पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि एक बेहद साधारण पृष्ठभूमि से आने वाला युवक है. वह केवल 8वीं कक्षा तक पढ़ा है. पढ़ाई छोड़ने के बाद वह करीब तीन साल से एक कपड़े की दुकान पर काम कर रहा था और इसी से अपना और परिवार का गुजारा चलाने में मदद करता था.

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‘हथियार तो दूर, डंडा भी नहीं चला सकता’

सुमित की गिरफ्तारी के बाद उसकी मां आशा पूरी तरह टूट चुकी हैं. भावुक होते हुए सुमित की मां ने कहा कि जिस लड़के पर इतने बड़े मामले में हथियार सप्लाई करने का आरोप लगा है, उसकी हकीकत कुछ और ही है. उन्होंने दावा किया कि उनका बेटा हथियार चलाना तो बहुत दूर की बात है, किसी के ऊपर डंडा उठाने तक की हिम्मत नहीं रखता.मां का कहना है कि उनका बेटा बिल्कुल बेगुनाह है और उसे किसी गलत मामले में घसीटा जा रहा है. आशा का कहना है कि सुमित का स्वभाव बेहद सीधा-सादा और शांत है. इलाके के लोग और जिस दुकान पर वह काम करता है, वहां का दुकानदार भी उसके अच्छे व्यवहार की गवाही दे सकते हैं.

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‘खाटू श्याम के नाम पर साथ ले गया था कुणाल’

सुमित की मां आशा के अनुसार, उनके बेटे का संपर्क नितिन नाम के युवक के जरिए कुणाल उर्फ भोला से हुआ था. कुणाल ने सुमित को खाटू श्याम दर्शन के लिए चलने की बात कही थी. इस सिलसिले में रात करीब 3 बजे तक बातचीत चली और फिर सुबह करीब 4 बजे सुमित घर लौट आया था. मां का कहना है कि बेटे ने उन्हें किसी अन्य बात या योजना की कोई जानकारी नहीं दी थी.

पूछताछ का झांसा देकर ले गई पुलिस

आशा ने बताया कि जब पुलिस उनके घर आई, तब सुमित वहीं मौजूद था. पुलिस ने उस वक्त कहा कि किसी सामान्य लड़ाई-झगड़े के मामले में पूछताछ के लिए सुमित को ले जाया जा रहा है और कोई गंभीर बात नहीं है. लेकिन बाद में पुलिस का फोन आया और परिवार को सीधे मुंबई पहुंचने के लिए कहा गया.

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आर्थिक तंगी से जूझ रहा है परिवार

सुमित के चाचा टीकाराम और मां आशा ने अपनी लाचारी बयां करते हुए कहा कि वे मजदूरी करके पेट पालते हैं. उनके पास मुंबई जाने, वहां रहने या वकील की फीस भरने तक के पैसे नहीं हैं. परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सुमित को न्याय दिलाने की गुहार लगाई है. पुलिस की जांच जारी है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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