पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्वयंभू संत रामपाल को देशद्रोह के एक मामले में जमानत दे दी है. रामपाल को लगभग 11 साल बाद मिली इस राहत से उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है. संत रामपाल फिलहाल हरियाणा के हिसार जेल में बंद हैं.

कब हुई थी गिरफ्तारी?

मिली जानकारी के अनुसार, साल 2014 में संत रामपाल को गिरफ्तार किया गया था. उस दौरान हरियाणा के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम में प्रशासन और समर्थकों के बीच बड़ा टकराव हुआ था. इस झड़प के दौरान 6 लोगों की मौत हुई थी और कई अन्य घायल हुए थे. इसी मामले में जुड़े विभिन्न आरोपों के तहत संत रामपाल के खिलाफ कई केस दर्ज किए गए थे, जिनमें देशद्रोह का भी एक केस शामिल था.

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क्या अब आएंगे जेल से बाहर?

बता दें कि संत रामपाल को हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद उनकी जेल से रिहाई अन्य मामलों की कानूनी स्थिति पर निर्भर करेगी, क्योंकि उनके खिलाफ अलग-अलग अदालतों में कई मुकदमे लंबित हैं. यह भी बताया जा रहा है कि जमानत की शर्तों का पालन करना उनके लिए अनिवार्य होगा.

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संत रामपाल सतलोक आश्रम के प्रमुख हैं और उनके अनुयायियों की संख्या देश के कई राज्यों में फैली हुई है. हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है.

कौन हैं रामपाल?

रामपाल एक भारतीय आध्यात्मिक उपदेशक और सतलोक आश्रम के संस्थापक हैं. उनका जन्म 1951 में हरियाणा, भारत में हुआ था. धार्मिक नेता बनने से पहले, उन्होंने सिंचाई विभाग में जूनियर इंजीनियर के रूप में काम किया. उन्होंने भगवद गीता, कबीर सागर और अन्य धर्मग्रंथों की व्याख्याओं के आधार पर आध्यात्मिक शिक्षाओं का प्रचार करना शुरू किया. वे 15वीं शताब्दी के संत कबीर की शिक्षाओं का पालन और प्रचार करने का दावा करते हैं. उनके अनुयायी उन्हें एक संत (आध्यात्मिक गुरु) मानते हैं और भक्ति और मोक्ष के उनके दृष्टिकोण में विश्वास करते हैं.