'बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर कानून बने', TDP सांसद लवु कृष्णा ने उठाई मांग

सोशल मीडिया पर बच्चों की बढ़ती लत और ऑनलाइन खतरों को लेकर तेलुगु देशम पार्टी के सांसद लवु कृष्णा देवरायलु ने आयु-आधारित सोशल मीडिया कानून बनाने की मांग की है. उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखकर बच्चों की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया है. पढ़िए प्रशांत देव की खास रिपोर्ट

lavu krishna devarayalu

Credit: Social Media

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सोशल मीडिया पर बच्चों की बढ़ती लत और ऑनलाइन खतरों को लेकर तेलुगु देशम पार्टी (TDP) ने संसद में चिंता जताई है. नरसारावपेट से सांसद और लोकसभा में TDP के फ्लोर लीडर लवु कृष्णा देवरायलु ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर आयु-आधारित कानून बनाने की मांग की है. इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर ठोस नियम बनाने पर जोर दिया है. अपने पत्र में सांसद ने बताया कि भारत में 14 से 16 साल की उम्र के लगभग 90 प्रतिशत बच्चों के पास स्मार्टफोन है. वहीं, 75 प्रतिशत से अधिक बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का नियमित उपयोग कर रहे हैं.

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‘बच्चों के दिमाग पर असर पड़ रहा है’

लवु कृष्णा देवरायलु ने कहा कि बिना किसी सख्त नियम के इतनी कम उम्र में सोशल मीडिया का इस्तेमाल बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है. उन्होंने चिंता जताई कि 60 प्रतिशत से ज्यादा नाबालिग बच्चे ऑनलाइन बुलिंग का शिकार हो चुके हैं. इसके अलावा, कई बच्चे ऐसे कंटेंट के संपर्क में आ रहे हैं जो उनकी उम्र के लिए बिल्कुल भी सही नहीं है. इससे बच्चों में गलत सोच, आक्रामक व्यवहार और मानसिक तनाव बढ़ रहा है. सांसद ने कहा कि सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल किशोरों में तनाव, चिंता, आत्म-हानि जैसी समस्याओं को बढ़ावा दे रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कई सोशल मीडिया कंपनियां बच्चों के डाटा को बिना सुरक्षा के इकट्ठा कर रही हैं और उसका व्यावसायिक इस्तेमाल कर रही हैं.

आर्थिक सर्वेक्षण का दिया हवाला

पत्र में गाजियाबाद और लखनऊ की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि डिजिटल लत और साइबर बुलिंग के कारण नाबालिगों की मौत ने इस समस्या की गंभीरता को साफ कर दिया है. उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण 2025–26 का हवाला देते हुए युवाओं में बढ़ती डिजिटल लत और उससे जुड़े मानसिक स्वास्थ्य जोखिमों पर भी चिंता जताई. सांसद देवरायलु ने बताया कि कई देश पहले ही इस दिशा में सख्त कदम उठा चुके हैं. ऑस्ट्रेलिया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाई है. वहीं ब्रिटेन, नॉर्वे, डेनमार्क और न्यूज़ीलैंड जैसे देश भी आयु-आधारित नियमों पर विचार कर रहे हैं.

एक्सपर्ट कमेटी बनाने की मांग

लवु कृष्णा देवरायलु ने जानकारी दी कि उन्होंने संसद में सोशल मीडिया (आयु प्रतिबंध और ऑनलाइन सुरक्षा) से जुड़ा एक निजी सदस्य विधेयक भी पेश किया है. इसमें न्यूनतम आयु सीमा तय करने, आयु-सत्यापन अनिवार्य करने और नियम तोड़ने पर सख्त सजा का प्रावधान शामिल है. अंत में सांसद ने केंद्र सरकार से मांग की कि इस विषय पर एक एक्सपर्ट कमेटी बनाई जाए, ताकि बच्चों की डिजिटल सुरक्षा के लिए एक मजबूत और प्रभावी राष्ट्रीय नीति तैयार की जा सके.

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Varsha Sikri

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वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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