महाराष्ट्र के नासिक में मौजूद टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के एक ऑफिस में सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है. ये केस तब सामने आया जब एक शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और बाद में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए. फरवरी में नासिक शहर पुलिस में एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ता ने शिकायत दर्ज कराई थी कि नासिक में मौजूद आईटी कंपनी TCS में काम करने वाली एक हिंदू महिला रमजान के रोजे रख रही थी. यह पहली सूचना थी, जिसके आधार पर पुलिस ने टीसीएस ऑफिस में सीक्रेट मिशन चलाया. इस अभियान से पता चला कि कंपनी के कई टीम लीडर कर्मचारियों के साथ यौन उत्पीड़न, रेप और जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामलों में शामिल थे. जांचकर्ताओं का कहना है कि व्हॉट्सएप चैट से मिली जानकारी के आधार पर हुई जांच में पता चला कि मलेशिया से जुड़े एक प्रीचर इरमान को वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों से मिलवाया गया था.

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अब तक 7 लोग गिरफ्तार

इसके बाद पुलिस ने कंपनी में वर्किंग सात लोगों को गिरफ्तार किया. ये मामला अब एक बड़े विवाद में तब्दील हो गया है. पुलिस ने यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण के आरोप में कम से कम नौ FIR दर्ज की हैं. बीजेपी नेता बंदी संजय कुमार ने इसे 'कॉर्पोरेट जिहाद' का मामला बताया है, वहीं टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने इस मामले को बेहद चिंताजनक और दर्दनाक बताते हुए कहा है कि केस की गहन जांच चल रही है. टीसीएस ने एक बयान जारी कर कहा है कि वो किसी भी तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस पॉलिसी अपनाती है और जांच के दायरे में आए कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है.

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HR मैनेजर अभी भी फरार

इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन और तौसीफ अत्तार शामिल हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एक और कर्मचारी अश्विन चैनानी को भी गिरफ्तार किया गया है. वहीं, 14 अप्रैल को इंडिया टुडे टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, HR मैनेजर निदा खान अभी भी फरार हैं, क्योंकि जांचकर्ता उनकी भर्ती प्रक्रियाओं और संगठन में उनकी भूमिका की बारीकी से जांच कर रहे हैं. पुलिस ने बताया कि पीड़ितों में से ज्यादातर महिलाएं हैं, जिनकी उम्र 18 से 25 साल के बीच बताई जा रही है. पीड़ित महिलाओं की सैलरी 18,000 रुपये से 25,000 रुपये के बीच है.

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बैंक खातों की जांच जारी

पीटीआई समाचार एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि पुलिस आरोपियों के बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि ये पता लगाया जा सके कि क्या उन्हें अवैध कारनामों को अंजाम देने के लिए कहीं से पैसे ट्रांसफर हुए हैं या नहीं. पुलिस ने आठ महिला कर्मचारियों की शिकायतों की जांच के लिए एसीपी लेवल के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है. इन महिला कर्मचारियों ने दावा किया है कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनका मानसिक और यौन उत्पीड़न किया और HR डिपार्टमेंट ने उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया.

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