Tamil Nadu tricolor insulted case: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में सोमवार को खेले गए वर्ल्ड कप मैच से पहले तिरंगे का अपमान एक पुलिसकर्मी ने कर दिया। चेपॉक में एमए चिदंबरम स्टेडियम में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मैच खेला गया था। लेकिन इससे पहले एक पुलिसवाले ने कुछ भारतीय प्रशंसकों को स्टेडियम के अंदर तिरंगा ले जाने से रोक दिया। यह पुलिसवाला तमिलनाडु पुलिस का सब इंस्पेक्टर बताया जा रहा है। जिसने कई प्रशंसकों को स्टेडियम के अंदर तिरंगा लेकर नहीं जाने दिया।
तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो
इस घटना का वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में साफ देका जा सकता है कि एक तमिलनाडु पुलिस का अधिकारी लोगों की जांच कर रहा है। इसी दौरान वह कुछ क्रिकेट प्रशंसकों से दो भारतीय झंडे यानी तिरंगा ले लेता है। इसके बाद इन झंडों को कूड़ेदान में फेंक देता है। लोग उसको ऐसा करते देख आपत्ति जाहिर करते हैं। लेकिन इसके बाद पुलिस अधिकारी झंडों को कूड़ेदान से बाहर निकालता है। पुलिस वैन में रख लेता है।
एक सीनियर पुलिस अफसर ने कहा कि तिंरगा ले जाने पर कोई बैन नहीं है। प्रशंसकों को अपने देश का झंडा ले जाने की परमिशन होती है। यह एक अलग तरह की घटना है। किसी भी भारतीय को तिरंगा अंदर ले जाने से नहीं रोका गया है। ऐसा कोई आदेश भी उनकी ओर से नहीं दिया गया है। संबंधित अधिकारी ने अपनी पर्सनल क्षमता के कारण ऐसा किया है। विभाग की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
भाजपा ने बोला हमला-कड़ी कार्रवाई की जाए
पुलिस की ओर से किसी भी प्रशंसक को तिरंगा ले जाने से नहीं रोका गया था। वहीं, मामला सामने आने के बाद भाजपा हमलावर हो गई है। राज्य प्रमुख के अन्नामलाई द्रमुक सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार तमिलनाडु को भारत से अलग करने की कोशिश में है। उन्होंने पूछा कि वो कौन था, जिसने तिरंगा लेकर जाने से रोका है।
टीएनसीए को ये पावर किसने दी। उन्होंने कहा कि आजादी पर शोक मनाना, कुछ हिस्सों को जलाना, एक अलग स्टेट की मांग करना डीएमके या उसकी वैचारिक पार्टी का तरीका है। लेकिन ये लोग ऐसा करने में विफल साबित हुए हैं। द्रमुक सरकार ने तिरंगे के प्रवेश पर रोक लगा बेहद चीप हरकत का परिचय दिया है। इन पुलिसवालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।