हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

'हम धरने पर बैठ जाएंगे…', दिल्ली HC के पास फुटपाथ और क्रॉसिंग नहीं होने पर SC ने सरकार को चेताया

जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विनोद चंद्रन की पीठ ने दो टूक शब्दों में कहा कि केवल कमेटियां बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीन पर ठोस काम दिखना जरूरी है.

विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित फुटपाथ की उपलब्धता संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है. (Image - ANI)

दिल्ली हाई कोर्ट के आसपास सुरक्षित फुटपाथ और पैदल यात्रियों के लिए क्रॉसिंग न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है. कोर्ट ने अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए एक बेहद अनूठी और चुटीली चेतावनी दी कि अगर अगली सुनवाई से पहले जमीनी स्तर पर काम पूरा नहीं हुआ, तो कोर्ट के दोनों जज दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य द्वार पर धरने पर बैठ जाएंगे.

जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विनोद चंद्रन की पीठ ने दो टूक शब्दों में कहा कि केवल कमेटियां बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि जमीन पर ठोस काम दिखना जरूरी है.

यह भी पढ़ें : सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल की लिस्ट से हटाने का मामला, दाखिल की गई याचिका

विज्ञापन

‘ASG को भी घर नहीं जाने देंगे’

सुनवाई के दौरान पीठ ने हल्के-फुल्के लेकिन सख्त अंदाज में केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी से कहा, ‘अगर आप अगली सुनवाई की तारीख से पहले यह काम पूरा नहीं करते हैं, तो हम दोनों दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य द्वार पर मौजूद रहेंगे और जब तक आप काम पूरा नहीं कर लेते, हम घर नहीं जाएंगे. यह पक्का है. हम वहां धरने पर बैठ जाएंगे और मिस्टर बनर्जी को भी घर नहीं जाने देंगे.’

कोर्ट ने साफ संकेत दिए कि अब किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर संबंधित एजेंसियों ने प्रभावी कदम नहीं उठाए तो दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से अदालत में तलब किया जाएगा.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें : ‘धर्मांतरण के बाद नहीं मिलेगा आरक्षण का फायदा’, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

‘पैदल यात्रियों को मिले प्राथमिकता’

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित फुटपाथ की उपलब्धता संविधान के तहत एक मौलिक अधिकार है. सुरक्षित आवागमन संविधान के अनुच्छेद 21 और अनुच्छेद 19(1)(d) के तहत संरक्षित है. कोर्ट ने साफ किया कि सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही की तुलना में पैदल यात्रियों के अधिकारों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. फुटपाथ को कोई वैकल्पिक सुविधा नहीं माना जा सकता. यह मुख्य सड़क के साथ अनिवार्य रूप से होना चाहिए.

विज्ञापन

सभी राज्यों को कड़े निर्देश

कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं. कोर्ट ने कहा कि फुटपाथों से अवैध रेहड़ी-पटरी, बिजली के खंभे, कूड़े के ढेर और अवैध पार्किंग तुरंत हटाए जाएं, ताकि लोगों को जान जोखिम में डालकर मुख्य सड़क पर न चलना पड़े. साथ ही कहा कि फुटपाथ निर्माण में ‘इंडियन रोड्स कांग्रेस’ के सुरक्षा मानकों का अनिवार्य पालन हो, जिसमें फिसलने से रोकने वाली सतह, रैंप और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर-सुलभ सुविधाएं शामिल हों.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Arif Khan

आरिफ खान मंसूरी न्यूज 24 में बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. आरिफ को डिजिटल पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा अनुभव हैं. उन्होंने 2014, 2019 और 2024 के लगातार तीन लोकसभा चुनाव के अलावा पिछले 15 सालों में देशभर में हुए विधानसभा चुनावों की भी व्यापक कवरेज की है. न्यूज 24 से पहले उन्होंने देश के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की थी, यहां देश, दुनिया और पॉलिटिक्स की खबरों पर काम किया. आरिफ ने इसके बाद इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप की हिंदी वेबसाइट जनसत्ता के साथ अपनी पारी शुरू की. इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स की हिंदी न्यूज वेबसाइट लाइवहिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया. लाइवहिंदुस्तान.कॉम के बाद वह एनडीटीवी ग्रुप के साथ जुड़ गए. एनडीटीवी में करीब छह साल तक काम करने के बाद न्यूज24 के साथ जुड़ गए. न्यूज24 में भी होमपेज की जिम्मेदारी संभालते हैं. शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से कला संकाय में स्नातक और मास्टर ऑफ जर्नलिज्म की डिग्री हासिल की है. आरिफ देश, विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा एक्सप्लेनर लिखने में भी माहिर हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola