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सुप्रीम कोर्ट ने 6 बागी सांसदों के शिंदे गुट में विलय पर जारी किया नोटिस, शिवसेना UBT की याचिका पर हुई सुनवाई

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के फैसले के खिलाफ उद्धव गुट (UBT) की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है. शीर्ष अदालत ने स्पीकर, उनके सचिव और शिंदे गुट में शामिल हुए 6 बागी सांसदों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मामले की अगली सुनवाई अब दो हफ्ते बाद होगी.

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महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर है. सुप्रीम कोर्ट ने शिवसेना (UBT) गुट द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. यह याचिका उद्धव गुट के 6 सांसदों के पार्टी बदलकर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को दी गई मान्यता के खिलाफ दाखिल की गई थी. उद्धव ठाकरे गुट ने अपनी याचिका में लोकसभा अध्यक्ष के उस फैसले को सीधे चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने 6 बागी सांसदों को शिंदे गुट में शामिल होने और उनके विलय को आधिकारिक मंजूरी दी थी. याचिकाकर्ता का तर्क है कि यह फैसला नियमों के खिलाफ है और इस पर कानूनी पुनर्विचार जरूरी है.

Supreme Court issues notice on a plea by Shiv Sena Uddhav Balasaheb Thackeray (UBT) challenging Lok Sabha Speaker Om Birla’s decision to recognise the merger of six rebel MPs with the Maharashtra Deputy Chief Minister Eknath Shinde-led Shiv Sena.

संसद में घटी उद्धव गुट की ताकत

संसद सत्र की शुरुआत से ठीक पहले लोकसभा अध्यक्ष द्वारा 6 सांसदों के विलय को मान्यता दिए जाने के बाद लोकसभा में उद्धव ठाकरे गुट के सांसदों की संख्या घटकर महज 3 रह गई थी. इसके खिलाफ शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद अरविंद सावंत ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. याचिका में दलील दी गई कि ये सांसद उद्धव ठाकरे की पार्टी के निशान पर चुनाव जीतकर आए थे और उन्होंने अपनी मूल पार्टी का किसी अन्य दल में विलय नहीं किया है. ऐसे में लोकसभा अध्यक्ष के पास सीधे तौर पर विलय को मंजूरी देने का संवैधानिक अधिकार नहीं है.

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अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत ने याचिकाकर्ता की तरफ से कहा कि यह मामला सीधे तौर पर संसदीय व्यवस्था और संवैधानिक नैतिकता से जुड़ा हुआ है. फिलहाल दो हफ्तों के लिए शिंदे गुट को राहत मिली हुई है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस नोटिस के बाद अब लोकसभा अध्यक्ष और बागी सांसदों को अदालत में अपना रुख स्पष्ट करना होगा.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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