महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर में सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने शिवसेना के उद्धव बालासाहेब ठाकरे (UBT) गुट की याचिका पर सुनवाई करते हुए नोटिस जारी किया है. यह याचिका लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें उन्होंने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मान्यता दी थी.

Supreme Court issues notice on a plea by Shiv Sena Uddhav Balasaheb Thackeray (UBT) challenging Lok Sabha Speaker Om Birla's decision to recognise the merger of six rebel MPs with the Maharashtra Deputy Chief Minister Eknath Shinde-led Shiv Sena.

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Supreme Court issues notices to… pic.twitter.com/kMKiFh6tUp

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सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, लोकसभा सचिवालय और शिंदे गुट में शामिल होने वाले सभी छह बागी सांसदों को आधिकारिक नोटिस जारी किया है. अदालत ने इन सभी पक्षों से इस पूरे घटनाक्रम पर अपना स्पष्ट जवाब दाखिल करने को कहा है.

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शीर्ष अदालत ने याचिका पर शुरुआती दलीलें सुनने के बाद संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिया और इस संवेदनशील राजनीतिक और कानूनी मामले की अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद तय की है. अब दो सप्ताह बाद होने वाली सुनवाई में यह तय होगा कि लोकसभा अध्यक्ष का बागी सांसदों के विलय को मान्यता देने का फैसला कानूनी रूप से कितना सही था.

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