सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के डॉग लवर्स को आज मंगलवार को बड़ा झटका दिया। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में दायर की सभी याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि साल 2025 में दिया गया आदेश लागू रहेगा। आवारा कुत्तों को सड़कों से हटाने का आदेश नहीं बदला जाएगा। याचिकाओं में कहा गया था कि सार्वजनिक स्थानों और सड़कों से पकड़े गए कुत्तों को नसबंदी (वैक्सीनेशन) करके वापस छोड़ दिया जाए, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह अपील नहीं मानी।
जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने याचिकाओं पर सुनवाई की और गत 29 जनवरी 2026 को हुई सुनवाई में फैसला सुरक्षित रख लिया था। उस दिन सुनवाई में राज्य सरकारों, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) और एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया (AWBI) ने अपनी दलीलें पेश की थीं। उस दिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आवारा कुत्तों के हमले से जान चली जाती है। चोट लग जाए तो जिंदगी खराब हो जाती।
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बेंच ने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट आवारा कुत्तों के मामले में बेहद गंभीर है। पिछले कुछ समय से आवारा कुत्तों के हमले से मौत होने के कई मामले सामने आ चुके हें। ऐसे मामले में नगर निकाय के साथ ही डॉग लवर्स और फीडर्स भी जिम्मेदारी ठहराए जा सकते हैं, इसलिए सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को मजाक समझने की गलती न करें। क्योंकि आवारा कुत्तों के हमले से किसी की मौत होने पर या गंभीर चोट लगने पर सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदारी तय करने से पीछे नहीं हटेगा।
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