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'पति की सैलरी काटकर पत्नी को दो…', सुप्रीम कोर्ट ने क्यों दिया शख्स के 'बॉस' को ऐसा निर्देश?

सुनवाई में पति ने हलफनामा पेश कर बताया कि उसकी मासिक सैलरी 50 हजार रुपये है और आर्थिक तंगी है. अदालत ने पूछा कि क्या वह 2.5 लाख रुपये (बकाया समेत) जमा करेगा, लेकिन उसने इनकार कर दिया.

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देश की सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट का कोई भी फैसला, देशभर की अन्य अदालतों के लिए एक उदाहरण बन जाता है. हालांकि कई बार खुद सुप्रीम कोर्ट से भी ऐसे फैसले बाहर आते हैं, जिन्हें सुनकर आम जनता भी हैरान रह जाती है. हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया, जब सुप्रीम कोर्ट ने गुजारा भत्ता मामले में चौंकाने वाला फैसला सुनाया.

क्या है पूरा मामला?


दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की खंडपीठ ने पति के नियोक्ता (बॉस) को निर्देश दिया कि वह हर महीने अपने एम्प्लॉई की सैलरी से 25000 रुपये काटकर सीधे पत्नी के बैंक खाते में आरटीजीएस (RTGS) से ट्रांसफर करे. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने ये आदेश पत्नी और उनकी चार वर्षीय बेटी के भरण-पोषण के लिए है, क्योंकि पति ने पिछले आदेशों का पालन नहीं किया.

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4 साल से पति ने नहीं दिया गुजारा भत्ता


मामला गुजरात के भुज-कच्छ फैमिली कोर्ट में लंबित मुकदमे के स्थानांतरण से जुड़ा है. याचिकाकर्ता डिंपल ने पति निशांत प्रवीणभाई सोनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. अदालत ने नोट किया कि दंपति 2022 से अलग रह रहे हैं, लेकिन पति ने न तो बच्ची की देखभाल में योगदान दिया और न ही चार साल में उससे मिला. मजिस्ट्रेट अदालत ने 2024 में अंतरिम भरण-पोषण का आदेश दिया था, जिसके 1.38 लाख रुपये बकाया हो चुके हैं. मध्यस्थता के लिए भी पत्नी-बच्ची के यात्रा खर्च के 25 हजार रुपये जमा करने का निर्देश था, जो अनदेखा रहा.

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50000 रुपये है पति की सैलरी


सुनवाई में पति ने हलफनामा पेश कर बताया कि उसकी मासिक सैलरी 50 हजार रुपये है और आर्थिक तंगी है. अदालत ने पूछा कि क्या वह 2.5 लाख रुपये (बकाया समेत) जमा करेगा, लेकिन उसने इनकार कर दिया. ऐसे में पीठ ने कहा, ‘हमारे पास अब कोई विकल्प नहीं बचा. पति के नियोक्ता को 25 हजार रुपये मासिक काटने का आदेश देते हैं.’ अदालत ने विशेष रूप से नाबालिग बेटी अविरा की भलाई पर चिंता जताई, जो मां अकेले पाल रही है. पिता के निधन के बाद मां चाचा के साथ रह रही हैं. मामले की अगली सुनवाई अप्रैल में होगी.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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