Maharashtra Political Crisis: सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ महाराष्ट्र राजनीतिक संकट पर कल गुरुवार को अपना फैसला सुना सकती है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके 15 विधायकों की पात्रता और अपात्रता पर फैसला होगा। इस पूरे प्रकरण की सुनवाई पांच जजों की खंडपीठ में पूरी हो चुकी है। मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रिजर्व रख लिया था। याचिका उद्धव ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट में लगाई थी। उन्होंने बगावत करने वाले 16 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने की मांग की थी।
एकनाथ शिंदे गुट के विधायक संजय शिरसाट भी 16 बागी विधायकों में से एक हैं। उन्होंने कहा कि मुझे जानकारी मिली है कि 16 विधायकों की अयोग्यता पर सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को अपना आदेश सुनाएगा। कल सब कुछ साफ हो जाएगा।
वहीं, आदित्य ठाकरे ने कहा कि मुझे लगता है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में होगा। हमें इसकी चिंता नहीं है। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। संविधान का पालन करने से ही देश को फायदा होगा।
लोकतंत्र जिंदा या नहीं, कल होगा फैसला
उद्धव ठाकरे गुट के नेता और सांसद संजय राउत ने भी इस मामले में प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस देश में लोकतंत्र जिंदा है या नहीं ये कल तय होगा और ये भी तय होगा कि हमारी न्याय व्यवस्था किसी दबाव में काम कर रही है या नहीं।
क्या है पूरा मामला?
जून 2022 में एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे से बगावत कर दी थी। उनके साथ 15 विधायक भी थे। सभी पहले सूरत फिर गुवाहाटी में ठहरे थे। उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे को विधायकों के साथ वापस लौटने के लिए बातचीत का प्रस्ताव दिया था। लेकिन शिंदे ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया। बाद में तत्कालीन विधानसभ स्पीकर ने शिंदे और उनके समर्थक विधायकों को वापस आने के लिए कहा। एकनाथ ने पार्टी व्हिप का भी पालन नहीं किया।
बाद में उद्धव ठाकरे ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया। 30 जून को शिंदे ने भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस के साथ मिलकर सरकार बनाई। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने शिंदे और उनके 15 विधायकों को अयोग्य करार दिए जाने के लिए याचिका दायर की थी। इसी मामले पर गुरुवार को फैसला आएगा।
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