हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

'दिमाग नहीं पढ़ सकते कि कुत्ता कब काटेगा, राज्यों पर सख्त करेंगे कार्रवाई', स्ट्रीट डॉग पर सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया रुख

देश में अभी भी आवारा कुत्तों का मामला चल रहा है। बुधवार को एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि कोर्ट ने अपने पिछले का रुख बरकरार रखा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को एक बार फिर आवारा कुत्तों के मामला में सुनवाई हुई। कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान अपना रुख बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा कि कुत्तों के दिमाग को नहीं पढ़ा जा सकता कि वे कब काटेंगे। कोर्ट ने साफ किया है कि जिन राज्यों ने जवाब नहीं दिया है, उनके खिलाफ हम सख्त कार्रवाई करेंगे।

बता दें कि आवारा कुत्तों पर पिछले फैसले में कोर्ट ने पहले संस्थागत परिसरों से आवारा कुत्तों को हटाकर नसबंदी, टीकाकरण के बाद आश्रयों में भेजने का आदेश दिया था। बुधवार को मामले में न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया ने सुनवाई की। जस्टिस मेहता ने कहा कि हम केवल यह निगरानी करने की कोशिश कर रहे हैं कि नियमों और कानूनों का पालन हो रहा है या नहीं, जो अभी तक नहीं हुआ है। जिन राज्यों ने जवाब नहीं दिया है, उनके खिलाफ हम सख्त कार्रवाई करेंगे।

यह भी पढ़ें: ‘दो हफ्ते में एक्सपर्ट की मीटिंग बुलाए CAQM’, दिल्ली NCR में बढ़ते वायु प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट के सख्त तेवर

विज्ञापन

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट का राजस्थान का जिक्र किया। कहा कि राजस्थान हाईकोर्ट के दो जज दुर्घटना का शिकार हुए हैं और एक जज अभी भी रीढ़ की हड्डी की चोट से जूझ रहे हैं। कोर्ट की इस टिप्पणी को फैसले के पक्ष में काफी गंभीर देखा जा रहा है। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों को कहा कि आज हम सबको समय देंगे. किसी को शिकायत न रहे कि उसे नहीं सुना गया. पहले पीड़ितों को सुनेंगे, फिर डॉग लवर्स को।

यह भी पढ़ें: ‘नागरिक अधिकारों से ऊपर है देश की अखंडता’, दिल्ली दंगा मामले में SC ने खारिज की उमर खालिद और शरजील की जमानत याचिका

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों से सिर्फ रेबीज ही नहीं बल्कि सड़क दुर्घटना का भी खतरा बढ़ जाता है। डॉग लवर्स की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि सभी कुत्तों को आश्रय स्थलों में रखना शारीरिक रूप से संभव नहीं है। बहस करते हुए सिब्बल ने कहा कि आर्थिक रूप से भी यह व्यवहार्य नहीं है। मनुष्यों के लिए भी खतरनाक है। इसे वैज्ञानिक तरीके से ही करना होगा। समस्या यह है कि कानूनों का पालन नहीं किया जा रहा है।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Raghav Tiwari

राघव तिवारी न्यूज24 में शिफ्ट हेड की भूमिका निभा रहे हैं। यहां टीम प्रबंधन के साथ नेशनल, इंटरनेशनल, राजनीति, क्राइम आदि की खबरें भी कवर करते हैं। इससे पहले ये अमर उजाला, नईदुनिया, नवभारत टाइम्स (NBT) और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में रिपोर्टिंग कर चुके हैं। देवभूमि उत्तराखंड, इंदौर, नोएडा, कानपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में काम करने की वजह से राघव भिन्न-भिन्न कल्चर, खानपान, व्यवहार, जरूरत की समझ रखते हैं। राघव तिवारी ने कानपुर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता एवं जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा पूरी की है। शिकायत और सुझाव के लिए स्वागत है- Mail ID: raghav.tiwari@bagconvergence.in Contact No. 8840671098
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola