TrendingAI summitiranDonald Trump

---विज्ञापन---

सुंदर पिचाई का भारत को बड़ा तोहफा, गूगल करेगा 1.25 लाख करोड़ का भारी निवेश; बनेगा ग्लोबल AI हब

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत में 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश का एलान किया है. विशाखापत्तनम में बनने वाला मेगा डेटा सेंटर देश को वैश्विक एआई हब बनाएगा.

गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और डीपमाइंड के प्रमुख डेमिस हासाबिस ने भारत में अगले 5 साल के भीतर 15 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये के निवेश का एलान किया है. इस भारी भरकम निवेश का मुख्य उद्देश्य भारत को एक वैश्विक एआई इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में विकसित करना है. इस प्रोजेक्ट का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बनने वाला देश का पहला मेगा एआई डेटा सेंटर होगा. यह डेटा सेंटर केवल एक साधारण इमारत नहीं होगी, बल्कि यहाँ से एआई मॉडल की ट्रेनिंग और क्लाउड सर्विसेज के जरिए पूरे भारत और पड़ोसी देशों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की असली ताकत मिलेगी.

समुद्र के नीचे बिछेगा इंटरनेट का जाल

एआई सेवाओं को बिजली जैसी रफ्तार देने के लिए गूगल भारत को सीधे दुनिया से जोड़ने के लिए नए अंडरसी इंटरनेट केबल बिछाने की तैयारी कर रहा है. ये केबल भारत को सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से सीधे जोड़ेंगे जिससे इंटरनेट की स्पीड कई गुना बढ़ जाएगी. अब डेटा को अमेरिका या यूरोप होकर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे रास्ता छोटा होगा और रुकावटें कम होंगी. खास बात यह है कि इस पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर को चलाने के लिए गूगल क्लीन एनर्जी प्लांट्स भी लगाएगा ताकि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना एआई का विस्तार किया जा सके और कार्बन उत्सर्जन को कम रखा जा सके.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: कौन करता है राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग और कैसे तय होती है जीत? जानिए पूरा फॉर्मूला

---विज्ञापन---

आम आदमी और सरकार को होगा फायदा

गूगल का यह निवेश केवल बड़ी कंपनियों के लिए नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा. कंपनी भारत सरकार के साथ मिलकर एआई को सरकारी कामकाज से जोड़ रही है जिससे लाखों कर्मचारी आधुनिक एआई टूल्स का उपयोग कर सकेंगे. छात्रों के लिए विशेष एआई ट्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे जो परीक्षाओं की तैयारी में मदद करेंगे और रीयल टाइम ट्रांसलेशन के जरिए भाषा की बाधाएं खत्म होंगी. ऑनलाइन धोखाधड़ी और स्कैम को रोकने के लिए विशेष एआई डिटेक्शन टूल्स भी विकसित किए जाएंगे. इसके अलावा कंपनी ने 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को एआई ट्रेनिंग देने का बड़ा लक्ष्य रखा है.

भारत बनेगा ग्लोबल एआई हब

इस निवेश के साथ भारत अब केवल एआई का उपयोग करने वाला देश नहीं, बल्कि एआई इंफ्रास्ट्रक्चर का केंद्र बन जाएगा. वर्तमान में दुनिया का ज्यादातर इंटरनेट ट्रैफिक अमेरिका और चीन के रास्ते चलता है, लेकिन अब गूगल के नए रास्ते में भारत मुख्य केंद्र होगा. स्थानीय स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को अब विदेशी सर्वरों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होगी, जिससे उनकी लागत कम होगी और इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा. भारत में डेटा सेंटर खुलने से डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखने में भी मदद मिलेगी. इस बड़े कदम से देश में नई नौकरियों के अवसर पैदा होंगे और भारत एआई की वैश्विक रेस में एक मजबूत खिलाड़ी बनकर उभरेगा.


Topics:

---विज्ञापन---