जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) घोटाले में नेशनल कॉन्फ्रेंस के दिग्गज नेता फारूक अब्दुल्ला को बड़ा झटका लगा है. श्रीनगर की एक कोर्ट ने गुरुवार को उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया. यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) ने आरोपों को तय करने के लिए रखी गई सुनवाई के दौरान दिया.

क्यों जारी हुआ वारंट?

फारूक अब्दुल्ला वर्तमान में जम्मू में हैं और उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने से छूट मांगी थी. उनके वकील ने तर्क दिया कि वह आने में असमर्थ हैं, लेकिन कोर्ट ने इस अर्जी को खारिज कर दिया. कोर्ट ने उन्हें वर्चुअल माध्यम (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) से जुड़ने का विकल्प भी दिया था, जिसे बचाव पक्ष ने अस्वीकार कर दिया. बार-बार पेशी से बचने के चलते कोर्ट ने उनके खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए गैर-जमानती वारंट जारी किया और अगली सुनवाई 30 मार्च के लिए तय की है.

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क्या है JKCA घोटाला?

यह मामला 2002 से 2011 के बीच का है, जब फारूक अब्दुल्ला JKCA के अध्यक्ष थे. आरोप है कि बीसीसीआई (BCCI) द्वारा जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट के लिए दिए गए 100 करोड़ रुपये के अनुदान में से 43 करोड़ रुपये से अधिक का गबन किया गया. हाईकोर्ट के निर्देश पर 2015 में सीबीआई ने इसकी जांच शुरू की और 2018 में चार्जशीट दाखिल की. फारूक अब्दुल्ला इन आरोपों को हमेशा से राजनीति से प्रेरित बताते रहे हैं. CBI ने चार्जशीट में उनके साथ कई पुराने अधिकारियों का नाम भी शामिल किया है.