होली से पहले कांग्रेस को बड़ी क्षति हुई है। पार्टी के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री केपी उन्नीकृष्णन का निधन हो गया है। केरल के कोझिकोड के एक निजी अस्पताल में उन्होंने आखिरी सांस ली। केरल के मुख्यमंत्री पिनारयी विजयन ने पूर्व केंद्रीय मंत्री केपी उन्नीकृष्णन के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की है।

केपी उन्नीकृष्णन का जन्म 1936 में हुआ था। केपी एक प्रमुख भारतीय राजनेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री थे। वाटकरा निर्वाचन क्षेत्र से लगातार पांच बार (1971-1996) लोकसभा सांसद रहे। वीपी सिंह सरकार में दूरसंचार और जहाजरानी मंत्री के रूप थे। उस दौरान उन्नीकृष्णन ने 1990 में खाड़ी युद्ध के दौरान भारतीयों की निकासी में अहम भूमिका निभाई थी।

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लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्नीकृष्णन के निधन पर शोक जताया। राहुल गांधी ने कहा कि केपी उन्नीकृष्णन के निधन से मैं अत्यंत दुखी हूं। उन्होंने अपना पूरा जीवन निष्ठा और निष्ठा के साथ जनसेवा में समर्पित कर दिया था। उनके परिवार, मित्रों और केरल की जनता के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। उन्हें हमेशा सम्मानपूर्वक याद किया जाएगा।

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बता दें कि केरल की राजनीति में उन्नीकृष्णन का खास स्थान था। केपी दृढ़ विश्वास से समाजवादी, लंबे समय से कांग्रेसी रहे। राष्ट्रीय मोर्चा के दौर में केंद्रीय मंत्रिमंडल मंत्री और आपातकाल के दौरान तानाशाही के प्रबल आलोचक रहे थे। उन्नीकृष्णन ने साल 1960 में कांग्रेस पार्टी को ज्वाइन किया था। 1962 में वह कांग्रेस कमेटी के सदस्य बन गए थे। साल 1971 में वडाकारा से लोकसभा सदस्य चुने गए। केपी ने साल 1977, 1980, 1984, 1989 और 1991 में निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।