प्रधानमंत्री मोदी ने आज अपने 76वें बर्थडे पर दुनिया को भारतीय सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के विकास और सफर की कहानी सुनाई. उन्होंने आज नई दिल्ली स्थित यशोभूमि में सेमीकंडक्टर तथा इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर से जुड़े इवेंट ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ का उद्घाटन किया. इसका इवेंट की थीम ‘सिलिकॉन से सिस्टम तक: पारिस्थितिकी का निर्माण’ है और यह इवेंट आज 17 सितंबर से 19 सितंबर तक चलेगा. इवेंट में 52 देशों की 600 से अधिक कंपनियां, 50000 लोग, 400 से ज्यादा कार्यकारी अधिकारी और 150 से अधिक वक्ता भी शामिल होंगे. जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, नीदरलैंड, सिंगापुर, स्वीडन के अलावा देश के 12 राज्यों के बूथ, स्टार्टअप, इनोवेशन एग्जीबिशन, स्टूडेंट हैकाथॉन भी होगा.
एप्लाइड मैटेरियल्स की इंडिया विजन 2035 की घोषणा
सेमीकॉन इंडिया 2026 में एप्लाइड मैटेरियल्स के सेमीकंडक्टर प्रोडक्ट्स ग्रुप के अध्यक्ष प्रभु राजा ने कंपनी के एप्लाइड मैटेरियल्स इंडिया विजन 2035 की घोषणा की. अगले 10 साल में 5 अरब अमेरिकी डॉलर इन्वेस्ट करने का ऐलान भी किया. उन्होंने बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग सेंटर सबसे पहले एप्लाइड मैटेरियल्स कंपनी ने ही स्थापित किया था. साल 2024 में भारत की पहली 300 मिलीमीटर वाली टेस्टिंग लैब का ऑर्डर दिया था. आज 140 एकड़ में सेमीकंडक्टर रिसर्च पार्क बनाने की तैयारी कर रहे हैं, जो भारत में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को गति देगा. साल 2035 तक कंपनी का लक्ष्य भारत में अपनी सप्लाई चेन को 10 गुना बढ़ाना है, ताकि भारतीय सप्लायर्स को ज्यादा मौके मिलें.
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प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में क्या कुछ कहा?
1. सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत नए अवसरों का स्वागत करने के लिए तैयार है. सेमीकॉन इंडिया का 2022 में पहला संस्करण हुआ था, जिसमें सेमीकंडक्टर पॉलिसी पर चर्चा हुई थी. पिछले साल फाइव-नाइन्स और टेस्ट चिप्स के साथ चिप के शुरुआती सैंपल निकलने पर चर्चा हुई थी. इस साल सेमीकंडक्टर चिप के कमर्शियल प्रोडक्शन पर चर्चा कर रहे हैं. मोहाली और सूरत में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो रहा है.
2. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करना आसान नहीं है, क्योंकि इसकी टेक्नोलॉजिकल कैपेसिटी डेवलप करने में कई साल लगते हैं. भारत ने चिप डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग, मटेरियल इकोसिस्टम और टेस्टिंग कैपेबिलिटी पर काम किया और सफलता हासिल की. भारत ने सेमीकंडक्टर मिशन का दूसरा फेज शुरू किया है और इसके तहत निवेश को 1 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 13.5 बिलियन डॉलर किया गया है.
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3. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर में इंटरनेशनल कंपनियों को भारतीय स्टार्टअप्स और इंडियन चिप डिजाइन कंपनियों के साथ सहयोग करने का मौका दे रही है. पॉलिसी, फंडिंग और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क समेत प्रोडक्शन प्रोजेक्ट्स के लिए जरूरी कदम सरकार उठा रही है. भारत का मकसद कंपाउंड सेमीकंडक्टर, सिलिकॉन फोटोनिक्स तथा AI सक्षम इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इकोसिस्टम को देश में ही बनाना और उसे मजबूत करना है.
4. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब तक 12 सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिल चुकी है और अगले चरण में यह संख्या बढ़ने की उम्मीद है. एक लाख इंजीनियरिंग स्टूडेंट्स को सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए ट्रेंड करने का लक्ष्य तय किया है और हजारों युवाओं को पहले ही ट्रेनिंग दी जा चुकी है. भारत और विदेशों में रिसर्च कर रहे यंग टैलेंट से एडवांस टेक्नोलॉजी के विकास में योगदान देने की अपील है. इंडस्ट्री लीडर्स से देश में R&D को लीड करने का आग्रह है.
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5. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन इसके सामने नई चुनौतियां भी हैं. वर्षों तक इंडस्ट्री में ट्रांजिस्टर के आकार को छोटा करने पर जोर रहा, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने इंडस्ट्री के सामने नए सवाल खड़े किए हैं. पिछले 2 साल में ग्लोबल सेमीकंडक्टर मार्केट ने 20 प्रतिशत से ज्यादा ग्रोथ की, लेकिन अब चुनौती सिर्फ यह समझना नहीं है कि चिप के अंदर क्या है, बल्कि यह देखना भीी है कि उसके पीछे क्या हो रहा है?
6. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के सामने डेटा ट्रांसफर, हीट और पावर मैनेजमेंट करने जैसी कई चुनौतियां हैं. दुनिया को मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई और भरोसेमंद लोकेशंस की जरूरत होगी और भारत इसके लिए खुद को तैयार कर रहा है. AI डेटा सेंटर्स में हजारों हाई-परफॉर्मेंस प्रोसेसर एक साथ काम कर रहे हैं. जैसे-जैसे AI विस्तार होगा, कंप्यूटिंग पावर की मांग भी बढ़ेगी, जिसके साथ बिजली की मांग बढ़ेगी, इसलिए भारत पावर सेक्टर में निवेश कर रहा है.
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