Researchers discovered endangered new creature: बदलते मौसम और इंसानी गतिविधियों की वजह से कई जीव लुप्त होते जा रहे हैं या विलुप्त होने की कगार पर हैं। इसपर वैज्ञानिक और पर्यावरणविद कई बार चिंता जता चुके हैं। कई प्रजातियों की संख्या तो इतनी कम हो गई है कि उंगलियों पर गिनती की जा सके। पर्यावरण में संतुलन बनाए रखने के लिए इनका होना बहुत जरूरी है। विलुप्त हो रही प्रजातियों को बचाने के तमाम प्रयास किए जाते हैं लेकिन कई बार सफलता नहीं मिल पाती है।
वैज्ञानिकों को फ्रांस के द्वीप पर बहुत ही दुर्लभ जीव मिला है। इसे फ्रांसीसी द्वीप कोर्सिका पर पाया गया है। पाया गया जीव बहुत ही दुर्लभ है और इसे करीब लुप्त हो गया माना जाता है।
समाचार वेबसाइट WION ने अक्टूबर में रिव्यू सुइस डी जूलॉजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के हवाले से बताया है कि चमगादड़ की यह दुर्लभ प्रजाति पहाड़ी भूमध्यसागरीय द्वीप के आसपास लहराती हुई पाई गई थी, जो मार्सिले से लगभग 250 मील दक्षिण-पूर्व में स्थित है। पाए गए नमूनो का डीएनए जांच के बाद रिसर्चर्स द्वारा पाया गया कि पहाड़ों में खोजा गया चमगादड़ जीनस माइप्टिस की एक पूर्व अज्ञात प्रजाति का था, जिसकी छह महाद्वीपों में 120 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।
शोधकर्ताओं ने कहा कि इस नई प्रजाति का नाम ‘नस्ट्रेल’ रखा गया, जिसका कोर्सीकन बोली में अर्थ है “हमारा”। स्टडी के मुताबिक यह जीव लंबे समय तक अलग-थलग रहा होगा। इसकी लंबाई लगभग डेढ़ इंच होती है। इसका रंग भूरा होता है, कान लंबे होते हैं और चेहरे पर बाल होते हैं। रिसर्चर्स के मुताबिक ये चमगादड़ द्वीप के घने जंगलों में शिकार करते हैं। ये चट्टानों और चट्टानी इलाकों में रहते हैं। उन्होंने इसे बहुत दुर्लभ प्रजाति बताया।