76वें गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड की सलामी लेने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू वापस जाती हुईं। उनके साथ इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी राष्ट्रपति भवन गए।
भारतीय वायु सेना के राफेल ने दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान ‘विजय’ फॉर्मेशन प्रदर्शित किया।
कर्तव्य पथ पर 76वें republicday🇮🇳 परेड के दौरान भारतीय वायु सेना के 3 डोर्नियर-228 एसी ने रक्षक फॉर्मेशन के साथ ‘विक’ फॉर्मेशन प्रदर्शित किया।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान इंडियान एयरफोर्स के Su-30 विमानों ने त्रिशूल फॉर्मेशन बनाया।
भारतीय वायु सेना ने कर्तव्य पथ पर 76वें republicday🇮🇳 परेड के दौरान खूबसूरत फ्लाई-पास्ट प्रस्तुत किया, जिसमें 2 डोर्नियर-228 एसी और एक एएन 32 एसी ने ‘विक’ फॉर्मेशन में उड़ान भरी। सतलुज फॉर्मेशन प्रदर्शित किया।
भारतीय वायु सेना ने कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान फ्लाई-पास्ट किया, जिसमें 22 लड़ाकू विमान, 11 परिवहन विमान और 7 हेलीकॉप्टर सहित कुल 40 विमान शामिल थे। 3 अपाचे हेलीकॉप्टर्स ने अजय फॉर्मेशन बनाकर सलामी दी।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान त्रिपुरा की झांकी प्रदर्शित की गई। इसमें ‘अनन्त श्रद्धांजलि: त्रिपुरा में 14 देवताओं की पूजा’ की झलक देखने को मिली। त्रिपुरा में एक त्योहार मनाया जाता है, जहां 14 देवताओं को श्रद्धांजलि दी जाती है।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान भारतीय सेना के सिग्नल कोर के मोटरसाइकिल राइडर डिस्प्ले टीम ने टैलेंट दिखाया, जिसे ‘द डेयरडेविल्स’ के नाम से जाना जाता है। परेड के दौरान बुलेट व्हीली, लैडर सैल्यूट, थ्री पीक डेविल फॉर्मेशन, शत्रुजीत, मर्करी पीक, इन्फो वॉरियर्स, लोटस और ह्यूमन पिरामिड के साथ ओपनिंग सैल्यूट प्रदर्शित किया गया।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान कर्नाटक की झांकी प्रदर्शित की गई। यह झांकी गडग जिले में स्थित ऐतिहासिक शहर लक्कुंडी की झलक दिखाती है, जिसे अक्सर ‘पत्थर शिल्प का पालना’ कहा जाता है।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान मध्य प्रदेश की झांकी प्रदर्शित की गई। झांकी श्योपुर जिले में कूनो नदी के तट पर स्थित कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों के सफल पुनरुत्पादन को दर्शाती है।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान बिहार की झांकी प्रदर्शित की गई। बिहार की झांकी राज्य की ज्ञान और शांति की समृद्ध परंपराओं की झलक दिखाती है। झांकी में भगवान बुद्ध को ध्यानमग्न धर्मचक्र मुद्रा में दिखाया गया है, जो शांति और सद्भाव का प्रतीक है।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान दिल्ली और पश्चिम बंगाल की झांकियां प्रदर्शित की गईं। दिल्ली की झांकी भारत के लोगों की सामूहिक आकांक्षाओं का प्रतीक है। पश्चिम बंगाल की झांकी राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, वास्तुकला उत्कृष्टता और कलात्मक परंपराओं को प्रदर्शित करती है।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान उत्तर प्रदेश की झांकी प्रदर्शित की गई। झांकी में ‘महाकुंभ 2025- स्वर्णिम भारत: विरासत और विकास’ की भव्यता देखने को मिली, विश्व स्तर पर ‘मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत’ के रूप में मान्यता प्राप्त है।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान पंजाब की झांकी प्रदर्शित की गई। पंजाब की झांकी में प्रदेश की उत्कृष्ट जड़ाऊ डिजाइन कला और समृद्ध हस्तशिल्प की झलक दिखी। इसमें जड़ाऊ डिज़ाइनों का एक जटिल चित्रण है, जिसकी शुरुआत सुंदर रूप से सजी बैलों की जोड़ी से होती है, जो राज्य की कृषि विरासत का प्रतीक है।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान आंध्र प्रदेश की झांकी प्रदर्शित की गई। झांकी ‘एटिकोप्पाका लकड़ी के खिलौने’ पर केंद्रित है, जो 400 साल पुरानी शिल्प परंपरा है, जो अपने पर्यावरण-अनुकूल, चिकने, जीवंत और विष-मुक्त खिलौनों के लिए लोकप्रिय है।
दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर असम राइफल्स की मार्चिंग टुकड़ी दिखी। इसके बाद कर्तव्य पथ पर असम राइफल्स बैंड ने भी हुनर दिखाया।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान गुजरात की झांकी प्रदर्शित की गई। इस बार झांकी की थीम ‘अनर्तपुर से एकता नगर- विरासत भी, विकास भी’ रही। झांकी में दर्शाया गया है कि कैसे गुजरात ने अपनी विरासत को संरक्षित करते हुए विकास के क्षितिज को छुआ है?
76वें गणतंत्र दिवस पर परेड में कर्तव्य पथ पर रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की झांकी भी प्रदर्शित की गई।
दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 76वें republicday परेड के दौरान झारखंड की झांकी प्रदर्शित की गई। झांकी में स्वर्णिम झारखंड: विरासत और प्रगति की एक परंपरा प्रदर्शित की गई है। झांकी रतन टाटा और टाटा समूह के महत्वपूर्ण योगदान को भी श्रद्धांजलि देती है।