Red Fort Blast: नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में दावा किया है कि नवंबर 2025 में लाल किले के पास कार धमाका शायद हमले की प्लानिंग में आखिरी वक्त में किए गए बदलाव का नतीजा था. ट्रैफिक और पुलिस की तैनाती की वजह से हमलावर अपने शुरुआती संदिग्ध टारगेट तक नहीं पहुंच पाया.

इस मंदिर को निशाना बनाने का शक

इस एंटी टेरर एजेंसी के मुताबिक, सुसाइड ब्लास्ट करने का आरोपी डॉक्टर उमर उन नबी ने शुरू में अपनी विस्फोटक से भरी हुंडई i20 कार को जैन मंदिर (लाल मंदिर) की तरफ ले जाने की कोशिश की थी. हालांकि, ट्रैफिक जाम और पुलिस की मौजूदगी के कारण उसे यू-टर्न लेना पड़ा और वो लाल किले की तरफ मुड़ गया.

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धमाके से पहले क्या हुआ था?

एनआईए की जांच में गवाहों के बयानों, फोरेंसिक जांच के नतीजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर नबी की एक्टिविटीज का पता लगाया गया है. चार्जशीट में कहा गया है कि वो 10 नवंबर, 2025 को शाम करीब 6:37 बजे सुनहरी मस्जिद पार्किंग एरिया से निकला था. लाल मंदिर के पास के इलाके में पहुंचने की कोशिश करने के बाद, उसने अपना रूट बदला और लाल किले की तरफ कार चलाई.

11 की हुई थी मौत

धमाका शाम करीब 6:50 बजे हुआ, जिसमें 11 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. एजेंसी ने ये भी आरोप लगाया है कि हमले से पहले नबी नूंह में एक किराए के मकान में तकरीबन 11 दिनों तक रहा था, जहां कथित तौर पर विस्फोटक तैयार किए गए थे.

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यूरिया बेस्ड एक्सप्लोसिव होने का आरोप

एनआईको को नबी और एक और आरोपी शाहीन सईद से जुड़ी पेन ड्राइव से PDF फाइलें मिलीं. इन दस्तावेजों में कथित तौर पर यूरिया नाइट्रेट विस्फोटक बनाने के तरीकों की डिटेस छी, जिसमें पेशाब से यूरिया निकालने की तकनीक भी शामिल थी. चार्जशीट में एक गवाह का हवाला दिया गया है जिसने नबी के कमरे में पेशाब से भरा एक बैग देखा था, क्योंकि उससे तेज गंध आ रही थी.

रेकी का शक

NIA ने कहा है कि नबी ने 2023 और 2025 के बीच 12 बार लाल किले का दौरा किया था. जांचकर्ताओं को शक है कि ये विजिट टूरिज्म के लिए नहीं, बल्कि रेकी के लिए थे. एजेंसी का ये भी आरोप है कि नबी और उसके साथियों ने कुछ दौरों के दौरान अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए थे ताकि कोई डिजिटल निशान न छूटे.

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