Reasi Terror Attack Survivors Statement: शिव खोड़ा मंदिर से लौट रहे थे, अचानक आर्मी यूनिफॉर्म पहले 4 से 5 लोग बस के सामने आ गए। उन्होंने काले रंग की टोपी पहनी थी। मुंह लाल रंग के मफलर से ढके थे। सामने आते ही उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। करीब 20 मिनट वे ताबड़तोड़ गोलियां चलाते रहे। ड्राइवर को सबसे पहले गोली लगी थी। ड्राइवर के घायल होने से बस का बैलेंस बिगड़ा और बस 150 फीट गहरी खाई में लुढ़क गई।
महिलाएं और बच्चे चिल्लाते रहे, लेकिन बस नीचे लुढ़कती रही। फायरिंग की आवाज सुनकर लोग भी दौड़े आए, लेकिन तब तक आतंकी गोलियां चलाते हुए जंगल के अंदर घुस गए थे। बस एक जगह पर जाकर रुक गई। लोगों और पुलिस वालों ने मिलकर बचाव अभियान चलाया, लेकिन कई लोगों को गोलियां लग चुकी थीं। गनीमत रही कि बस में धमाका नहीं हुई, वरना सभी लोग मारे जाते। यह आपबीती उत्तर प्रदेश के रहने वाले संतोष कुमार ने सुनाई, जो गोली लगने से घायल हुए।
खाई में गिरती बस पर भी करते रहे फायरिंग
संतोष ने बताया कि वह ड्राइवर की बगल में बैठा था। उसने आतंकियों को आंखों से देखा, लेकिन मुंह कवर होने के कारण वह उन्हें पहचान नहीं सकता। ड्राइवर को टारगेट करके उन्होंने गोली मारी। वह सीट के नीचे घुस गया था। सभी लोग सीटों के नीचे घुस गए थे। जब बस खाई में गिरी, तब भी आतंकी गोलियां बरसाते रहे। अचानक फायरिंग बंद हो गई और लोग बसों से निकलकर पत्थरों पर गिर गए। घायल होते हुए भी बच्चों को संभाला। इतने में लोग और पुलिस वाले आ गए।
उन्होंने सभी को बस से निकालकर सड़क पर पहुंचाया। एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल रियासी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार देकर सभी को कटरा के नारायण अस्पताल और जम्मू के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया गया। सेना की टुकड़ियां भी मौके पर पहुंची और इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आतंकी हमला सोच समझकर किया गया, क्योंकि एक CCTV फुटेज में बस के पीछे एक जीप जाती दिखी।
NIA को सौंपी गई आतंकी हमले की जांच
बता दें कि रियासी में श्रद्धालओं से भरी बस पर आतंकी हमले की जांच NIA को सौंपी गई। इलाके में सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला हुआ है। बस मे सवार यात्री उत्तर प्रदेश, दिल्ली और राजस्थान से थे। रियासी की SSP मोहिता शर्मा ने बताया कि आतंकी हमले में 10 लोगों की मौत हुई है। 7 मृतकों की शिनाख्त हो गई है। मरने वाले 2 मृतक बलरामपुर के रहने वाले हैं। इनके नाम रूबी और अनुराग वर्मा हैं। घायलों में शामिल 9 लोग अलीगढ़ के गोंडा ब्लॉक के हैं। 6 बलरामपुर के रहने वाले हैं। 2 नोएडा के, 2 गोरखपुर के, 2 वाराणसी के, 3 मेरठ के रहने वाले हैं। एक बैरनपुर का निवासी हैं।