दशहरे पर अनोखा रावण दहन, कहीं जला 'कॉकरोच' तो कहीं ज्ञानेश कुमार का पुतला; 'दिमागी नक्सल' का भी दहन

मध्य प्रदेश के इंदौर में ‘पौरुष’ नामक संस्था ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की तस्वीरों वाले पुतले जलाने की कोशिश की. आपको बता दें कि दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी माना गया है.

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अमित शाह पंजाब दौरे के दौरान लुधियाना के डेरेसी मैदान में रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए. (Photo: PTI)

देशभर में मंगलवार को दशहरे का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया गया. परंपरा के मुताबिक, जगह-जगह रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया. हालांकि, इस बार कई शहरों में रावण के साथ उन समस्याओं और मुद्दों को भी पुतलों के जरिये निशाना बनाया गया, जिन्हें आयोजक समाज और देश के लिए बुराई मानते हैं. कहीं नशे को रावण का रूप दिया गया, तो कहीं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और कॉकरोच के पुतले चर्चा में रहे. कुछ जगहों पर नकली दवाओं के कारोबार और ‘दिमागी नक्सलवाद’ को भी प्रतीकात्मक पुतलों के रूस में दिखाया गया.

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दिल्ली में ज्ञानेश कुमार और कॉकरोच के पुतले

पीटीआई के मुताबिक, दिल्ली में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को रावण के रूप में चित्रित करते हुए उनका पुतला जलाया. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोरी की रासलीला’ नाम से नुक्कड़ नाटक भी प्रस्तुत किया. यह प्रदर्शन चुनाव प्रक्रिया को लेकर उनकी नराजगी से जुड़ा था. वहीं, दिल्ली के पीतमपुरा में आयोजित रामलीला के दौरान रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के साथ 30 फुट ऊंचा कॉकरोच का पुतला भी जलाया गया. श्री केशव रामलीला समिति के अनुसार, कॉकरोच का पुतला गंदगी का प्रतीक था.

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नकली दवाओं से लेकर ‘दिमागी नक्सलवाद’ का भी दहन

पश्चिम विहार की इंद्रप्रस्थ रामलीला समिति ने इस बार ‘आज का रावण’ नाम से एक अतिरिक्त पुतला तैयार किया. समिति के अध्यक्ष संदीप बिंदु के मुताबिक, यह पुतला जेनेरिक दवाओं की कीमतों में कथित हेरफेर और नकली दवाओं के कारोबार का प्रतीक है. उनका कहना है कि महंगी दवाएं आम लोगों की पहुंच से बाहर हो रही हैं, जबकि नकली दवाओं का इस्तेमाल लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है.

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वहीं, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी दशहरे पर विशेष थीम वाला रावण तैयार किया गया. रामलीला मैदान में 75 फुट ऊंचे पुतले के जरिये आयोजकों ने ‘राष्ट्र विरोधी’, ‘सनातन विरोधी’ और ‘दिमागी नक्सलवाद’ जैसी प्रवृत्तियों के खिलाफ संदेश देने की बात कही.

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पंजाब में नशा बना रावण का प्रतीक

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब दौरे के दौरान लुधियाना के डेरेसी मैदान में रावण दहन कार्यक्रम में शामिल हुए. यहां रावण के पुतले को ‘चिट्टा’ यानी नशीले पदार्थ की समस्या से जोड़कर पेश किया गया. पंजाब में नशा एक प्रमुख राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा भी इसे लेकर अपनी रणनीति और नशामुक्ति के वादे को प्रमुखता दे रही है.

इंदौर में मुस्कान और साहिल का पुतला

मध्य प्रदेश के इंदौर में ‘पौरुष’ नामक संस्था ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की तस्वीरों वाले पुतले जलाने की कोशिश की. आपको बता दें कि दोनों को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी माना गया है, फिलहाल वो जेल में बंद हैं. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद पुतले से उनकी तस्वीरें हटा दी गईं और इसके बाद पुतला दहन किया गया.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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