Ranya Rao Gold smuggling Case DRI Investigation: कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। गोल्ड स्मगलिंग मामले में राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) जांच में जुटी हुई है। डीआरआई को शक है कि रान्या के दुबई में गहरे संबंध हैं, जिस वजह से वो गोल्ड स्मगलिंग मामले में इतनी एक्टिव हैं। एजेंसी के अनुसार, सोने के बिस्कुट एयरपोर्ट पर स्मगलिंग कर लाए गए और एक्ट्रेस को सौंप दिए गए। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला और किस तरह से रान्या की मुश्किलें रहीं बढ़।
शरीर पर लपेटा हुआ था सोना
न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, रान्या की तस्करी नेटवर्क में गहरी भूमिका थी। डीआरआई ने बताया कि राव ने दुबई एयरपोर्ट के अंदर अपनी जांघों, पिंडलियों और कमर के चारों ओर सोने के बिस्कुट लपेटे हुए थे। एक्ट्रेस ने उन्हें टेप और क्रेप बैंडेड की मदद से लपेटा हुआ था ताकी वो अच्छे से सेट रहें। वहीं अधिकारियों को ये भी संदेह है कि वो केवल एक जरिया थीं जिनके माध्यम से तस्करी की जा रही थी। रान्या कर्नाटक के डीजीपी रामचंद्र राव की बेटी हैं। रान्या ने 45 से भी ज्यादा बार विदेशों की यात्रा की है।
27 बार दुबई की यात्रा कर चुकी हैं रान्या
वहीं इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, डीआरआई ने बताया कि रान्या राव ने इस साल कथित तौर पर 27 बार दुबई की यात्रा की है। ऐसे में उनके गोल्ड तस्करी मामले में शामिल होने के गंभीर गंभीर रूप से संदेह किया जा रहा है। मामले की जांच की जा रही है।
एजेंसी ने आगे आरोप लगाया कि बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर पहुंचने पर, एक राज्य प्रोटोकॉल अधिकारी ने उसके इमिग्रेशन और सामान की निकासी में तेजी लाने में सहायता की। कथित तौर पर इस व्यवस्था ने उसे तलाशी और मेटल डिटेक्टर जांच से बचने की अनुमति दी, जब तक कि सुरक्षा कर्मियों ने संदेह नहीं जताया।
कोर्ट ने सुरक्षित रखे हैं जमानत आदेश
इस बीच, समाचार एजेंसी आईएएनएस ने बताया कि बेंगलुरु की एक अदालत ने उनकी जमानत याचिका पर अपना आदेश शुक्रवार तक सुरक्षित रख लिया है। आर्थिक अपराध न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें और प्रतिवाद सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। वहीं आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, डीआरआई ने उनकी जमानत याचिका का विरोध करते हुए अभिनेत्री की तीन दिन की हिरासत मांगी है। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े निहितार्थों को उजागर करने और तस्करी के गिरोह को खत्म करने के लिए उनसे पूछताछ बहुत जरूरी है। एजेंसी ने अदालत को बताया कि जांच के लिए 9 मार्च से 11 मार्च तक उनकी हिरासत जरूरी है।