Ram Mandir Rules and Timing Change: महाकुंभ 2025 खत्म होने के बाद न सिर्फ प्रयागराज बल्कि काशी और अयोध्या में भी भक्तों की संख्या कम होने लगी है। इसी के मद्देनजर राम मंदिर के नियमों में बदलाव होने वाले हैं। यह बदलाव कल यानी सोमवार से लागू होंगे, जिसके बाद राम मंदिर में एंट्री और एग्जिट के रूल्स बदल जाएंगे।
रोज 3-4 लाख लोगों ने किए दर्शन
महाकुंभ के चलते पिछले डेढ़ महीने से अयोध्या में भी भक्तों का सैलाब उमड़ा था। आंकड़ों की मानें तो हर दिन 3-4 लाख लोग रामलला के दर्शन करते थे। ऐसे में भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर के नियमों में बदलाव किए गए थे। राम जन्मभूमि परिसर के गेट नंबर 3 को फिर से बंद कर दिया जाएगा।
खोला गया था गेट नंबर 3
महाकुंभ के मद्देनजर गेट नंबर 3 खोल दिया गया था। इसी गेट से श्रद्धालुओं की वापसी करवाई जा रही थी। अयोध्या में अचानक बढ़ी भीड़ के कारण श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने विचार-विमर्श करते हुए यह गेट खोलने का फैसला किया था, जो कि कल से बंद हो जाएगा।
अभी तक क्या थे नियम?
बता दें कि पिछले डेढ़ महीने से राम मंदिर में दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं को रामपथ से होते हुए राम जन्मभूमि पथ से एंट्री मिलती थी। वहीं रामलला के दर्शन करने के बाद गर्भगृह के पीछे मौजूद गेट नंबर 3 से उन्हें बाहर निकाला जाता था। यह नियम कल से बदल जाएंगे। बता दें कि शनिवार की शाम को भी लगभग 2 लाख से ज्यादा लोगों ने रामलला के दर्शन किए हैं। वहीं आज यानी रविवार से भक्तों की संख्या में कमी आने लगी है।
कल से क्या होंगे नए निमय?
सोमवार से राम जन्मभूमि के नियमों में बदलाव के बाद भक्तों को राम जन्मभूमि पथ से प्रवेश मिलेगा। वहीं दर्शन करने के बाद श्रद्धालुओं को अंगद टीले से बाहर निकाला जाएगा। अयोध्या के सुरक्षा एसपी बालरामचारी दुबे का कहना है कि श्रद्धालुओं की संख्या में कमी के कारण फिर से पुराने नियम लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
समय में हो सकते हैं बदलाव
बता दें कि फरवरी की शुरुआत में बढ़ती भीड़ के कारण राम मंदिर के समय में भी बदलाव किया गया था। राम मंदिर के कपाट सुबह 7 बजे की बजाए 6 बजे (1 घंटे पहले) ही खोल दिए जाते हैं। वहीं रामलला की श्यन आरती का समय भी रात 9:30 बजे से बढ़ाकर 10 बजे कर दिया गया था। ऐसे में मुमकिन है कि भीड़ कम होने के बाद मंदिर में पुराना समय फिर से लागू कर दिया जाए। हालांकि इसे लेकर अभी तक राम जन्मभूमि ट्रस्ट की तरफ से कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।