Parliament Monsoon session : देश में संसद का मानसून सत्र चल रहा है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में सोमवार को बजट पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पारंपरिक हलवा सेरेमनी पर सवाल उठाते हुए इसे धर्म और जाति से जोड़ दिया। उन्होंने आगे कहा कि अगर केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार आई तो इसी सदन में जातिगत जनगणना पास कराके दिखाएंगे। इस दौरान उन्होंने अडानी-अंबानी का भी नाम लिया।
20 अधिकारियों ने देश का बजट तैयार किया : कांग्रेस सांसद
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट सत्र से पहले वित्त मंत्रालय में आयोजित पारंपरिक हलवा समारोह का पोस्टर दिखाया। उन्होंने कहा कि इस फोटो में बजट का हलवा बांटा जा रहा है। इसमें एक भी ओबीसी, आदिवासी या दलित अधिकारी नहीं दिख रहा, जिसकी आबादी देश में 73 प्रतिशत है। 20 अफसरों ने हिंदुस्तान का बजट बनाया। 20 लोगों ने हिंदुस्तान का हलवा बांटने का काम किया है। वही दो-तीन प्रतिशत लोग बजट बना रहे हैं। अब देश की 95 प्रतिशत आबादी जानना चाहती है कि बजट में उनकी कितनी हिस्सेदारी है।
अंबानी-अडानी पर क्या बोले राहुल गांधी?
रायबरेली के सांसद ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र ने अभिमन्यु की तरह युवाओं, किसानों और गरीबों को चक्रव्यूह में फंसा दिया है। देश के बिजनेस को अंबानी-अडानी जैसे लोग कंट्रोल कर रहे हैं। इनके पास एयरपोर्ट, टेलीकॉम हैं और अब ये लोग रेलवे में भी जा रहे हैं। इस दौरान स्पीकर ओम बिड़ला ने अंबानी-अडानी का नाम लेने से रोका तो इस पर राहुल गांधी ने कहा कि सर, क्या वे उन्हें A1, A2 कह सकते हैं या फिर नंबर 3-4 चलेगा?
नेता प्रतिपक्ष ने जातिगत जनगणना का उठाया मुद्दा
नेता प्रतिपक्ष ने लोकसभा में जातिगत जनगणना पर मुद्दा उठाते हुए कहा कि बीजेपी ने एक चक्रव्यूह की रचना की है, जिससे देश के लोगों का नुकसान हो रहा है। इस चक्रव्यूह को तोड़ने का सबसे आसान तरीका जातिगत जनगणना है, जिससे मोदी सरकार डरती है। उन्होंने कहा कि संसद में जातिगत जनगणना पास कराके दिखाएंगे।