भारत-पाकिस्तान के बीच जारी तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार उच्चस्तरीय बैठकें कर रहे हैं। सोमवार को भी प्रधानमंत्री ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) पहुंचे।
बताया जा रहा है कि वह सीबीआई निदेशक की नियुक्ति को लेकर प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात करने पहुंचे। इस दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) भी वहां मौजूद रहे।
सीबीआई निदेशक चुनने को लेकर क्या है नियम?
पीएमओ में नए सीबीआई निदेशक को लेकर एक बैठक हो रही है, इसमें CJI, राहुल गांधी और पीएम मोदी शामिल हैं। इस बैठक में नए सीबीआई निदेशक के नाम पर चर्चा होने वाली है।
बता दें कि 1986 बैच के अधिकारी सीबीआई निदेशक प्रवीण सूद का कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा है। नए सीबीआई निदेशक की नियुक्ति तीन मेंबर कमिटी करती है। जिसमें प्रधानमंत्री, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और नेता प्रतिपक्ष सदस्य होते हैं। ऐसे में इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सुप्रीम कोर्ट के मुख्या न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल हो रहे हैं।
कितने साल का होता है CBI प्रमुख का कार्यकाल?
वैसे तो सीबीआई प्रमुख का कार्यकाल दो साल का होता है लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में इसे बढ़ाकर पांच साल तक किया जा सकता है। सीबीआई भारत की सबसे प्रमुख जांच एजेंसी है। यह एजेंसी भ्रष्टाचार, हाई प्रोफाइल, बड़े और जघन्य आपराधिक मामलों की जांच करती है। यह एजेंसी हमेशा राजनीतिक के केंद्र में भी रहती हैं। इसको लेकर कई तरह के विवाद होते रहते हैं।
साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि सीबीआई निदेशक का कार्यकाल कम से कम दो साल का होना ही चाहिए। इसके साथ ही यह कहा था कि जिस अधिकारी की रिटायरमेंट में 6 महीना की बचा हो, सीबीआई निदेशक के लिए उसके नाम पर विचार नहीं किया जाए।