Rahul Gandhi on Deputy Speaker Post: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद संसद के पहले सत्र का आगाज हो चुका है। बीते दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एनडीए गुट के सभी सांसदों ने शपथ ग्रहण की। लग रहा था क‍ि लोकसभा स्पीकर को लेकर सस्पेंस खत्म हो गया है। खबरों की मानें तो इस बार बीजेपी फिर से ओम बिड़ला को स्पीकर का पदभार सौंपने की योजना बना रही है। लोकसभा स्पीकर को इंडिया गठबंधन का भी समर्थन मिलने की खबरें सामने आ रही थीं। मगर इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बड़ा खुलासा किया है। लोकसभा स्‍पीकर के नाम पर आख‍िर कैसे बनती बात ब‍िगड़ गई। कैसे लोकसभा में अब चुनाव की नौबत आ गई है, इसका अंदाजा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान से लग सकता है। राहुल ने साफ कहा क‍ि राजनाथ स‍िंंह के कॉल बैक ना करने की वजह से चीजें उलझ गईं। आइए जानते हैं आख‍िर हुआ क्‍या...

विपक्ष ने रखी शर्त

राहुल गांधी का कहना है कि विपक्ष ने सत्तापक्ष के सामने एक शर्त रखी है। ऐसे में अगर बीजेपी विपक्ष की शर्त मानती है, तभी विपक्ष लोकसभा स्पीकर को हरी झंडी दिखाएगा। इस शर्त का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अगर डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलेगा, तभी विपक्ष स्पीकर को समर्थन देने के लिए राजी होगा। इस सिलसिले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच फोन कॉल पर बात हुई। मगर शर्त सुनते ही राजनाथ सिंह ने कॉल बैक करने की बात कहकर फोन काट दिया।

राहुल गांधी ने दिया बयान

संसद के सामने बयान देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राजनाथ सिंह जी का खड़गे जी को फोन आया। उन्होंने खड़गे जी से कहा कि आप हमारे स्पीकर को सपोर्ट कीजिए। विपक्ष के सभी दलों से हमने बात की है। सभी स्पीकर को सपोर्ट करने के लिए राजी हो गए हैं। मगर शर्त ये है कि डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलना चाहिए। राजनाथ सिंह जी ने कल शाम को कहा था कि वो खड़गे जी को कॉल बैक करेंगे। लेकिन अभी तक राजनाथ सिंह जी ने खड़गे जी को दोबारा फोन नहीं किया है। राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ मोदी जी साथ मिलकर काम करने की बात कहते हैं और दूसरी तरफ हमारे नेता को नीचा दिखाया जा रहा है।

डिप्टी स्पीकर पर बना सस्पेंस

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो विपक्ष ने ओम बिड़ला को लोकसभा स्पीकर बनाने की मंजूरी दे दी है। हालांकि डिप्टी स्पीकर का पद विपक्षी खेमे को मिलेगा या नहीं? इस पर अभी तक कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। राहुल गांधी की बातों से साफ है कि प्रोटेम स्पीकर और लोकसभा अध्यक्ष के बाद अब डिप्टी स्पीकर के पद को लेकर संसद में खींचतान हो सकती है।