नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 355 और 356 को बनाए रखने में विफलता के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मणिपुर की स्थिति पर ध्यान देने और यह बताने की मांग करता है कि राज्य को अशांति का सामना क्यों करना पड़ रहा है।
मणिपुर स्पष्ट रूप से आंतरिक अशांति का अनुभव कर रहा है
सांसद ने मणिपुर में राज्य और केंद्र सरकार की विफलताओं पर चर्चा के लिए नियम 267 के तहत व्यापार निलंबन नोटिस भी दिया। राघव चड्ढा ने कहा, “संविधान के अनुच्छेद 355 के अनुसार, राज्यों में शांति सुनिश्चित करना और उन्हें बाहरी आक्रमण व आंतरिक अशांति दोनों से बचाना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। आज मणिपुर स्पष्ट रूप से आंतरिक अशांति का अनुभव कर रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार इस दायित्व को पूरा करने में विफल रही है।”
मणिपुर की गंभीर स्थिति के बारे में बारे में चिंता जताई
राघव चड्ढा ने भाजपा सरकार को अनुच्छेद 356 की भी याद दिलाई, जिसमें कहा गया है कि यदि राज्यपाल किसी राज्य में कानून-व्यवस्था और संवैधानिक मशीनरी के खराब होने की रिपोर्ट करते हैं, तो केंद्र और राष्ट्रपति को कार्रवाई करनी चाहिए और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मणिपुर के राज्यपाल विभिन्न मीडिया आउटलेट्स के माध्यम से राज्य की गंभीर स्थिति के बारे में बार-बार चिंता जताते रहे हैं। हजारों लोग बेघर हो गए हैं और सैकड़ों लोगों की जान चली गई है। इसके बावजूद केंद्र सरकार ने कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं की है।
राज्य के कल्याण के बजाय अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया
राज्यसभा सांसद ने भाजपा पर लोगों और राज्य के कल्याण के बजाय अपने राजनीतिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया और सवाल किया कि अगर मणिपुर में गैर-भाजपा सरकार होती तो क्या केंद्र इस तरीके से कार्य करता? उन्होंने इस बात पर आश्चर्य और चिंता व्यक्त की कि मणिपुर में जारी तबाही के बावजूद राष्ट्रपति शासन नहीं लगाया गया है, जिससे पता चलता है कि राज्य में सत्ता बरकरार रखने की भाजपा की इच्छा लोगों की पीड़ा पर भारी पड़ रही है।
उचित कार्रवाई करने करने के लिए विरोध प्रदर्शन करेंगे
राज्यसभा सांसद ने कहा कि विभिन्न विपक्षी नेताओं ने मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए सदन में कामकाज के निलंबन के लिए नियम 267 के तहत एक नोटिस प्रस्तुत किया है। वे मणिपुर के लोगों की दुर्दशा पर भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार का ध्यान आकर्षित करने और उचित कार्रवाई करने करने के लिए विरोध प्रदर्शन करेंगे।
संबंधित खबरें
Aaj Ki Taaza Khabar LIVE Updates: आज महात्मा गांधी की 157वीं जयंती, PM मोदी ने राजघाट जाकर दी श्रद्धांजलि
21 mins agoCEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन, नहीं मिली अभी तक मंजूरी; 5000 जवान तैनात
51 mins agoमुंबई में हिरासत और फिर रिहाई; अभिजीत दीपके ने शेयर किया अपडेट, प्रदर्शन से पहले दिखाया विक्ट्री साइन
8 hrs agoSIR विवाद के बीच ज्ञानेश कुमार की बढ़ीं मुश्किलें, फिर खुली 20 साल पुरानी विजिलेंस फाइल
9 hrs ago'लोकतंत्र को कर रहे हैं बर्बाद', ज्ञानेश कुमार को लेकर राहुल गांधी का बड़ा बयान, 15000 वोटर्स के नाम हटाने का आरोप
11 hrs agoअब कैसी है कैप्टन स्मित मच्छार की तबीयत? UAE की इंडियन एंबेसी ने दिया हेल्थ अपडेट
11 hrs agoस्मिथ मच्छार की बहादुरी ने दिलाई इंडियन नैनी की याद, 9/11 हमले में बचाई थी 2 साल के इजरायली बच्चे की जान
14 hrs agoCEC ज्ञानेश कुमार और SIR विवाद के बीच मुख्य चुनाव अधिकारी ने मांगी VRS, बोले-निजी फैसला
16 hrs agoपेंडिंग हैं चालान तो न बनेगा PUC और न रिन्यू होगा ड्राइविंग लाइसेंस, सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश; ब्लैकलिस्ट होंगी गाड़ियां
18 hrs agoबचपन में कैसे थे कैप्टन स्मित मच्छार, दोस्त ने याद किए पुराने दिन; पड़ोसियों ने बताए परिवार के हाल
19 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines