अमेरिका में सामने आई एपस्टीन फाइल्स को लेकर भारत में भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी. इन फाइलों में कुछ अंतरराष्ट्रीय नेताओं और जानी-मानी हस्तियों के नाम सामने आने के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम भी चर्चा में आया. इसके बाद विपक्ष ने सवाल उठाए और जांच की मांग की. अब इस मामले में केंद्रीय मंत्री को बड़ी राहत मिली है. सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के खिलाफ कोई भी आपराधिक या गलत एक्टिविटी नहीं पाई गई है. जांच एजेंसियों को अब तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे ये साबित हो कि मंत्री किसी गैरकानूनी काम में शामिल थे. सूत्रों का कहना है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट में ये साफ है कि लगाए गए आरोपों का कोई ठोस आधार नहीं है. सरकार ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तथ्यों की गहराई से जांच शुरू की थी.
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क्या है एपस्टीन फाइल्स विवाद?
एपस्टीन फाइल्स अमेरिका के कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े कानूनी दस्तावेज हैं. इन दस्तावेजों में कई नाम सामने आए, जिनमें अलग-अलग देशों के नेता, कारोबारी और प्रभावशाली लोग शामिल बताए गए. हालांकि, किसी का नाम आना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता. केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पहले ही इस मामले पर अपनी स्थिति साफ कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि उनका नाम बेवजह इस विवाद में घसीटा जा रहा है. पुरी ने साफ किया कि उनका एपस्टीन से किसी भी तरह का पर्सनल या अवैध संबंध नहीं था और उन्होंने कभी एपस्टीन के प्राइवेट आईलैंड का दौरा नहीं किया. उन्होंने ये भी कहा कि वो जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है.
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राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधा और नैतिक जिम्मेदारी की बात कही. वहीं, सत्तारूढ़ दल का कहना है कि बिना सबूत किसी पर आरोप लगाना गलत है और जांच पूरी होने तक इंतजार किया जाना चाहिए. सूत्रों के मुताबिक जांच अभी जारी है और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी स्थिति साफ होगी. फिलहाल, शुरुआती जांच में मंत्री को क्लीन चिट मिलना उनके लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.