PM Narendra Modi On Education: पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार, 1 अगस्त को कहा कि भारत हर नागरिक को, खासकर गरीब और पिछड़े समुदायों के लोगों को, बिना भेदभाव के शिक्षा और समान अवसर देने के लिए कमिटेड है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश के ओवरऑल डेवलपमेंट के लिए बिना किसी भेदभाव के अच्छी क्वालिटी वाली शिक्षा तक पहुँच बहुत जरूरी है.
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स्वामी विवेकानंद से सीखने की अपील
कर्नाटक के मैसूर में 'विवेक स्मारक' और 'स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक युवा केंद्र' के उद्घाटन के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्श देश को एक इंक्लूसिव और एजुकेशन सिस्टम बनाने में मार्गदर्शन करते रहेंगे. वो देश की प्रगति के लिए समानता और शिक्षा को समान रूप से अहम मानते थे. उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा में भेदभाव को खत्म करने और एक ऐसा सिस्टम बनाने के लिए काम कर रही है जहां हर छात्र को सफल होने का समान मौका मिले, चाहे उनका सोशल और इकॉनमिक बैकग्राउंड कुछ भी हो.
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भाषा की दीवार टूटने का जिक्र
हाल के सुधारों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्र अब अपनी मातृभाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स कर सकते हैं. उनके मुताबिक, इस पहल से भाषा से जुड़ी रुकावटों को कम करने में मदद मिल रही है और ये सुनिश्चित हो रहा है कि टैलेंटेड स्टूडेंट्स सिर्फ एजुकेशन की लैंग्वेज की वजह से अवसरों से वंचित न रहें. उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देना देश भर में उच्च शिक्षा को ज्यादा सुलभ और समावेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
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'शिक्षा से बनेंगे आत्मनिर्भर'
शिक्षा सुधारों के प्रति सरकार के कमिटमेंट को दोहराते हुए, पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि सीखने के समान अवसर और आधुनिक बुनियादी ढांचा एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे, साथ ही स्वामी विवेकानंद के सशक्त और प्रबुद्ध समाज के विजन को भी पूरा करेंगे.
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