प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के तिरुवनंतपुरम में 8,900 करोड़ रुपये की लागत से विकसित विझिंजम इंटरनेशनल डीपवाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 'यह पोर्ट न केवल भारत के लिए आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि पहले भारत का 75% ट्रांसशिपमेंट विदेशी बंदरगाहों पर होता था, जिससे देश को राजस्व की हानि होती थी, लेकिन अब यह बदलाव की ओर अग्रसर है। विझिंजम पोर्ट आने वाले वर्षों में दुनिया के सबसे बड़े कार्गो जहाजों को संभालने में सक्षम होगा।
प्रधानमंत्री ने आदि शंकराचार्य के योगदान को भी याद किया और कहा कि उन्होंने देशभर में मठों की स्थापना कर भारत की आध्यात्मिक चेतना को एक सूत्र में पिरोया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि काशी और केदारनाथ में आदि शंकराचार्य की भव्य मूर्तियों का अनावरण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई है।
कनेक्टिविटी को मजबूत कर रहे
पीएम मोदी ने कहा कि विझिंजम बंदरगाह की भौगोलिक स्थिति, इसकी प्राकृतिक गहराई और अरब सागर के पास इसकी स्थिति इसे वैश्विक समुद्री व्यापार का केंद्र बनाने की क्षमता रखती है। उन्होंने कहा कि भारत की समुद्री ताकत को फिर से स्थापित करने के लिए सरकार ‘सागरमाला परियोजना’ और ‘पीएम गति शक्ति’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से बंदरगाहों और कनेक्टिविटी को मजबूत कर रही है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि भारत में समुद्री क्षेत्र को विकसित करने के लिए पिछले 10 वर्षों में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत हजारों करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत अब विश्व के शीर्ष तीन देशों में शामिल है जहां सबसे अधिक नाविक (सेफेरर) हैं, और देश में जहाज निर्माण क्षेत्र को भी नई नीति के तहत बढ़ावा दिया जा रहा है।
पोप फ्रांसिस के निधन पर शोक
नरेंद्र मोदी ने केरल के विकास में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और कहा कि केरल की प्रगति, भारत की प्रगति है। उन्होंने कोल्लम और अलाप्पुझा बायपास, वंदे भारत ट्रेन और मछुआरों के कल्याण से जुड़े अनेक योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में आधारभूत ढांचे में व्यापक सुधार हुआ है। उन्होंने पोप फ्रांसिस के निधन पर शोक प्रकट करते हुए उन्हें सेवा, समावेश और शांति के लिए समर्पित एक महान व्यक्तित्व बताया और कहा कि उनकी मुलाकातें प्रेरणादायक रहीं।
कार्यक्रम में केरल के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु, जॉर्ज कुरियन सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। विझिंजम अंतरराष्ट्रीय डीपवॉटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट भारत का पहला समर्पित कंटेनर ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है, जो देश की समुद्री क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इसकी लगभग 20 मीटर की प्राकृतिक गहराई और विश्व के व्यस्ततम समुद्री मार्गों के निकट स्थिति इसे रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बनाती है।
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