PM Modi UAE Visit 2026: क्या सस्ती होगी रसोई गैस? UAE में बड़ी डील करेंगे PM मोदी!
Author: Vijay Jain
May 13, 2026 11:59 PM IST
PM Modi UAE Visit: ईरान युद्ध के चलते दुनिया भर में मची ऊर्जा की त्राहि-त्राहि के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बेहद महत्वपूर्ण मिशन पर निकलने वाले हैं. पीएम मोदी 15 से 20 मई 2026 तक यूएई, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के पांच देशों के दौरे पर रहेंगे. इस यात्रा का सबसे बड़ा और पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात (UAE) है, जहां से भारत की रसोई गैस (LPG) की किल्लत खत्म करने का रास्ता साफ हो सकता है. भारत और यूएई के बीच केवल व्यापार ही नहीं, बल्कि गहरे सांस्कृतिक संबंध भी हैं. यूएई में करीब 45 लाख भारतीय रहते हैं. पीएम मोदी अपनी इस यात्रा में वहां रहने वाले प्रवासी भारतीयों के कल्याण और सुरक्षा पर भी विशेष चर्चा कर सकते हैं. बता दें कि यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और निवेश के मामले में सातवें नंबर पर आता है.
UAE के साथ होने वाली है बड़ी डील
अपनी यात्रा के दौरान पीएम मोदी यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल-नाहयान से मुलाकात करेंगे. सूत्रों की मानें तो इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा ‘ऊर्जा सुरक्षा’ है. ईरान जंग की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, ऐसे में भारत अपनी तेल और गैस की जरूरतों के लिए यूएई के साथ लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार को लेकर दो बड़े समझौतों पर मुहर लगा सकता है.
OPEC+ से बाहर होने के बाद बदली स्थिति
हाल ही में यूएई ने तेल उत्पादक देशों के संगठन OPEC+ से बाहर निकलने का फैसला लिया है. इसके बाद से भारत और यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार के नए रास्ते खुल गए हैं. अब दोनों देश बिना किसी बाहरी दबाव के सीधे तौर पर लंबे समय के लिए एनर्जी सप्लाई और भंडारण पर सहयोग कर पाएंगे. यह डील भारत में गैस और तेल की कीमतों को स्थिर रखने में मददगार साबित होगी.
यूरोप के चार देशों में ग्रीन टेक्नोलॉजी पर जोर
यूएई के बाद पीएम मोदी नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली पहुंचेंगे. यूरोप के इन चार देशों के दौरे का मकसद भारत में ग्रीन टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में निवेश लाना है. पीएम मोदी की कोशिश है कि भारत-यूरोपीय संघ के रिश्तों को नई मजबूती मिले और देश में प्रदूषण मुक्त ऊर्जा के विकल्पों पर तेजी से काम हो.