प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर कांग्रेस पर तीखा बोला है. उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ डालने का काम किया. पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने करीब 1.48 लाख करोड़ के ऑयल बॉन्ड जारी किए, जिसका भार अब भी देश को उठाना पड़ रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उस समय की सरकार ने पेट्रोलियम कंपनियों को राहत देने के नाम पर ये बॉन्ड जारी किए थे, लेकिन इसका असली असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ा. पीएम मोदी ने कहा कि ये एक तरह से कर्ज था जिसे बाद की सरकारों को चुकाना पड़ा.
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कांग्रेस पर बरसे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि उनकी सरकार ने जिम्मेदारी निभाते हुए इन ऑयल बॉन्ड का भुगतान किया है. उन्होंने दावा किया कि साल 2014 के बाद से केंद्र सरकार ने इन बॉन्ड्स के ब्याज और मूलधन चुकाया है, जिससे देश पर पड़े वित्तीय दबाव को कम करने की कोशिश की गई. पीएम मोदी ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उस समय की सरकार सिर्फ अपनी सत्ता बचाने के लिए ज्यादा परेशान थी और उसने इसके बुरे नतीजों की परवाह नहीं की. उन्होंने कहा कि इससे देश के वित्तीय हालात पर नकारात्मक असर पड़ा और आम जनता को भी इसका अप्रत्यक्ष रूप से नुकसान उठाना पड़ा.
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ऑयल बॉन्ड क्या है?
ऑयल बॉन्ड दरअसल वो सरकारी बॉन्ड होते हैं, जिन्हें सरकार तेल कंपनियों को जारी करती है, ताकि उन्हें तुरंत नकद भुगतान ना करना पड़े. हालांकि, बाद में इन बॉन्ड्स पर ब्याज और मूलधन सरकार को ही चुकाना होता है. इस वजह से ये भविष्य की सरकारों के लिए एक तरह का कर्ज बन जाता है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार की नीतियों का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के साथ काम कर रही है. उन्होंने कहा कि अब सरकार ऐसे फैसलों से बचती है, जिनका बोझ आने वाले सालों में देश की अर्थव्यवस्था पर पड़े. ये बयान ऐसे समय में आया है जब देश में आर्थिक मुद्दों और ईंधन की कीमतों को लेकर बहस तेज है. कांग्रेस और बीजेपी के बीच इस मुद्दे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं.
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