भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में महिलाओं की भागीदारी को एक नए शिखर पर ले जाने के मकसद से 13 अप्रैल 2026 का दिन बेहद ऐतिहासिक होने जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार सुबह लगभग 11 बजे नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में भाग लेंगे और देशभर से जुटी महिलाओं को संबोधित करेंगे.
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित यह सम्मेलन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का एक सशक्त उत्सव है.
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क्यों खास है यह आयोजन?
इस सम्मेलन का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब देश 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के कार्यान्वयन की दहलीज पर खड़ा है. बता दें कि सितंबर 2023 में पारित इस ऐतिहासिक अधिनियम के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई सीटें आरक्षित की गई हैं. सम्मेलन का मुख्य केंद्र अब देशभर में इस आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने पर होगा.
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यही नहीं, इस सम्मेलन के ठीक तीन दिन बाद यानी 16 अप्रैल को संसद का एक विशेष सत्र भी बुलाया जा रहा है, जो महिला आरक्षण के क्रियान्वयन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा.
विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों का होगा संगम
विज्ञान भवन में होने वाले इस महा-मंथन में केवल राजनीति ही नहीं, बल्कि शिक्षा, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित महिला हस्तियां और उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाएं एक मंच पर होंगी. यह सम्मेलन पंचायत से लेकर संसद तक नेतृत्व के सभी स्तरों पर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को उजागर करेगा.