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'कागजी खेल बंद करो…', PM मोदी ने 4 घंटे तक ली आला अफसरों की क्लास; बोले- जमीन पर बदलाव दिखाओ

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सचिवों को निर्देश दिया कि वे सरकारी योजनाओं को केवल फाइलों और कागजों तक सीमित न रखें.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश की नौकरशाही और आला अधिकारियों को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है. पीएम मोदी ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ करीब 4 घंटे तक एक मैराथन बैठक की. इस हाई-लेवल ‘क्लास’ में प्रधानमंत्री ने एक-एक विभाग के कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों से सीधे पूछा कि अब तक जो फैसले लिए गए, उनका जमीन पर क्या असर हुआ और उससे कितने आम लोगों को फायदा पहुंचा.

प्रधानमंत्री का साफ तौर पर कहना था कि अब सरकार का फोकस सिर्फ नीतियां बनाने पर नहीं, बल्कि उनके धरातल पर दिखने वाले नतीजों पर है.

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फाइलों से बाहर निकलें सरकारी योजनाएं – PM

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सचिवों को निर्देश दिया कि वे सरकारी योजनाओं को केवल फाइलों और कागजों तक सीमित न रखें. उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता का असली पैमाना उसकी फाइल की मोटाई नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन पर पड़ने वाला उसका सकारात्मक असर है. बदलाव ऐसा होना चाहिए जो आम आदमी को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में महसूस हो. उन्होंने अधिकारियों से क्रियान्वयन की गति तेज करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी फैसलों का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे.

इन दो बड़े मुद्दों पर रहा मुख्य फोकस

चार घंटे चली इस लंबी बैठक में मुख्य रूप से दो रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा केंद्रित रही. पहला था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग, ताकि आम नागरिकों और व्यापार जगत की सहूलियत के लिए व्यवस्था को सरल बनाया जा सके. इसके लिए गैर-जरूरी और पुराने पड़ चुके नियमों को खत्म करने तथा जरूरी प्रशासनिक सुधारों को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा देश को विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को और अधिक गति देना.

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‘होल ऑफ गवर्नमेंट’ मॉडल पर जोर

प्रधानमंत्री ने विभागों के अलग-अलग काम करने की पुरानी व्यवस्था पर असंतोष जताया. उन्होंने ‘होल ऑफ गवर्नमेंट’ यानी पूरी सरकार के एक इकाई के रूप में काम करने के मॉडल पर जोर दिया. पीएम मोदी ने कहा कि आज के समय की मांग है कि मंत्रालयों के बीच आपसी तालमेल और समन्वय को बढ़ाया जाए, क्योंकि कई बड़ी योजनाएं तभी सफल हो सकती हैं जब विभिन्न विभाग मिलकर काम करें.

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इस समन्वय को बेहतर करने के लिए उन्होंने ‘पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म’ का अधिकतम इस्तेमाल करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए न केवल बुनियादी ढांचे और योजनाओं की बेहतर प्लानिंग हो सकती है, बल्कि मंत्रालयों के बीच डेटा शेयरिंग आसान होगी और फैसले भी तेजी से लिए जा सकेंगे.

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