प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश की नौकरशाही और आला अधिकारियों को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है. पीएम मोदी ने केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के सचिवों के साथ करीब 4 घंटे तक एक मैराथन बैठक की. इस हाई-लेवल ‘क्लास’ में प्रधानमंत्री ने एक-एक विभाग के कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों से सीधे पूछा कि अब तक जो फैसले लिए गए, उनका जमीन पर क्या असर हुआ और उससे कितने आम लोगों को फायदा पहुंचा.
प्रधानमंत्री का साफ तौर पर कहना था कि अब सरकार का फोकस सिर्फ नीतियां बनाने पर नहीं, बल्कि उनके धरातल पर दिखने वाले नतीजों पर है.
यह भी पढ़ें : दिसंबर में वॉशिंगटन जाएंगे PM मोदी! अमेरिकी दूत सर्जियो गोर का बड़ा दावा, ट्रंप की मंशा क्या?
फाइलों से बाहर निकलें सरकारी योजनाएं – PM
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सचिवों को निर्देश दिया कि वे सरकारी योजनाओं को केवल फाइलों और कागजों तक सीमित न रखें. उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की सफलता का असली पैमाना उसकी फाइल की मोटाई नहीं, बल्कि आम नागरिकों के जीवन पर पड़ने वाला उसका सकारात्मक असर है. बदलाव ऐसा होना चाहिए जो आम आदमी को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में महसूस हो. उन्होंने अधिकारियों से क्रियान्वयन की गति तेज करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि सरकारी फैसलों का लाभ समय पर जनता तक पहुंचे.
इन दो बड़े मुद्दों पर रहा मुख्य फोकस
चार घंटे चली इस लंबी बैठक में मुख्य रूप से दो रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा केंद्रित रही. पहला था, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग, ताकि आम नागरिकों और व्यापार जगत की सहूलियत के लिए व्यवस्था को सरल बनाया जा सके. इसके लिए गैर-जरूरी और पुराने पड़ चुके नियमों को खत्म करने तथा जरूरी प्रशासनिक सुधारों को तुरंत लागू करने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा देश को विभिन्न क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को और अधिक गति देना.
यह भी पढ़ें : अली खामेनेई के सुपुर्द-ए-ख़ाक में शामिल होगा भारत, पीएम मोदी नहीं… सामने आए ये 2 बड़े नाम
‘होल ऑफ गवर्नमेंट’ मॉडल पर जोर
प्रधानमंत्री ने विभागों के अलग-अलग काम करने की पुरानी व्यवस्था पर असंतोष जताया. उन्होंने ‘होल ऑफ गवर्नमेंट’ यानी पूरी सरकार के एक इकाई के रूप में काम करने के मॉडल पर जोर दिया. पीएम मोदी ने कहा कि आज के समय की मांग है कि मंत्रालयों के बीच आपसी तालमेल और समन्वय को बढ़ाया जाए, क्योंकि कई बड़ी योजनाएं तभी सफल हो सकती हैं जब विभिन्न विभाग मिलकर काम करें.
इस समन्वय को बेहतर करने के लिए उन्होंने ‘पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म’ का अधिकतम इस्तेमाल करने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए न केवल बुनियादी ढांचे और योजनाओं की बेहतर प्लानिंग हो सकती है, बल्कि मंत्रालयों के बीच डेटा शेयरिंग आसान होगी और फैसले भी तेजी से लिए जा सकेंगे.
संबंधित खबरें
'ज्ञानेश हमसे क्यों नहीं मिल रहे?' राहुल गांधी ने वीडियो जारी कर उठाया सवाल
45 mins agoCEC ज्ञानेश कुमार हो सकते हैं गिरफ्तार? केरलम केस में कितनी हो सकती सजा
2 hrs ago'CEC के इस्तीफे से कम में समझौता नहीं', सांसद राजीव शुक्ला का बड़ा बयान
3 hrs agoCEC के खिलाफ विपक्ष का मार्च, हिरासत में लिए गए राहुल-प्रियंका सहित कई नेता
4 hrs agoGST काउंसिल की बैठक फिर टली, अब 7 नहीं 8 अक्टूबर को होगी मीटिंग; जानें
6 hrs agoLIVE: कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के मार्च पर सुधांशु त्रिवेदी का बड़ा बयान
8 hrs ago6 सीटों पर उपचुनाव जारी, CM विजय की राजनीतिक परीक्षा, 9 अक्टूबर को मतगणना
8 hrs agoSIR पर बयान देकर घिरे जस्टिस उज्जल भुइयां, पूर्व CJI गवई ने उठाए सवाल
16 hrs agoज्ञानेश कुमार के खिलाफ पूर्व IAS अफसरों का प्लान फेल, ECI में नहीं घुस पाए
17 hrs ago10 लाख नौकरियां और 100 अरब डॉलर का निवेश..., स्विट्जरलैंड-भारत में बड़ी डील
19 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines