PM Modi Lok Sabha Speech key highlights: संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर सदन चाहे तो वे 'गारंटी' या 'वादा' जैसे शब्द इस्तेमाल करने को तैयार हैं. उनका इरादा पाक है, इसलिए शब्दों का खेल खेलने की जरूरत नहीं. यह ऐतिहासिक कदम भारत की लोकतंत्र यात्रा में नया अध्याय जोड़ेगा. 2029 के चुनावों से पहले डेलिमिटेशन प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरक्षण लागू होगा. सरकार ने गुरुवार को तीन बिल पेश किए - संविधान (131वां संशोधन) बिल 2026, डेलिमिटेशन बिल 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल 2026. इनके जरिए 2029 के आम चुनावों से लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का रास्ता साफ हो गया है. यह प्रस्ताव करीब तीन दशक पुराना है.
इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण पल
पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, “मैं इस बिल को संसद के इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण क्षण मानता हूं.” उन्होंने जोर देकर कहा कि यह फैसला न सिर्फ देश की राजनीति के स्वरूप और चरित्र को आकार देगा, बल्कि राष्ट्र की दिशा और स्थिति को भी तय करेगा.
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महिला आरक्षण को राजनीतिक नजरिए से न आंकें: पीएम मोदी ने कहा, “महिला आरक्षण बिल को राजनीतिक नजरिए से नहीं आंकना चाहिए.” उन्होंने विपक्ष को चेतावनी दी कि जो लोग महिलाओं को आरक्षण देने का विरोध करेंगे, उन्हें देश की महिलाओं से लंबे समय तक इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा.
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देश की राजनीति को नई दिशा मिलेगी: पीएम मोदी ने कहा कि यह बिल भारत को “नई दिशा” देगा और शासन व्यवस्था को बेहतर बनाएगा. इसके नतीजे देश की राजनीति और समग्र दिशा दोनों को प्रभावित करेंगे.
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25-30 साल पहले लागू होना चाहिए था: “जब 25-30 साल पहले इस विचार की कल्पना की गई थी, तब इसे लागू कर देना चाहिए था. आज हमने इसे परिपक्व अवस्था में ला दिया है. लोकतंत्र की सुंदरता यही है कि जरूरत के अनुसार इसे समय-समय पर सुधारा जाता है.”
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किसी भी पार्टी का पक्ष नहीं, देश का लोकतंत्र मजबूत होगा: पीएम ने स्पष्ट कहा, “महिला आरक्षण किसी भी पार्टी के पक्ष में नहीं है. अगर हम सब मिलकर आगे बढ़े तो यह फैसला किसी एक राजनीतिक पक्ष के पक्ष में नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र, सामूहिक निर्णय शक्ति और राष्ट्र के गौरव के पक्ष में जाएगा.”
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महिलाओं ने विरोध करने वालों को माफ नहीं किया: “जिन्होंने महिलाओं को यह अधिकार देने का विरोध किया, उन्हें देश की महिलाओं ने माफ नहीं किया है. उन्हें इसके परिणाम भुगतने पड़े हैं.”
विकसित भारत में 50% आबादी को नीति-निर्माण में शामिल करना जरूरी: पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत सिर्फ रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर या आर्थिक संकेतकों तक सीमित नहीं है. “हम 50 प्रतिशत आबादी को नीति-निर्माण का सक्रिय हिस्सा बनाना चाहते हैं. ‘सबका साथ, सबका विकास’ हर स्तर पर लागू होना चाहिए.”
क्रेडिट किसे भी दे दें, इरादा पाक है: प्रधानमंत्री ने विपक्ष से कहा, “अगर आप कहते हैं कि यह बिल मुझे राजनीतिक फायदा देगा तो सही है, लेकिन अगर आप क्रेडिट लेना चाहते हैं तो मैं आपको ब्लैंक चेक देने को तैयार हूं. जिसकी फोटो छपवानी हो, छपवा लीजिए. हम सरकारी खर्चे पर छपवा देंगे.”
तीन दशक तक टाला गया, अब महिलाओं को गुमराह नहीं किया जा सकता: “हर बार चतुराई से इसे टाला गया. समर्थन था लेकिन हर बार कोई न कोई तकनीकी मुद्दा उठाकर रोक दिया गया. अब देश की महिलाओं को गुमराह नहीं किया जा सकता.”
बहनों पर भरोसा करें, वे खुद फैसला करेंगी
पीएम मोदी ने आखिर में कहा, “देश की बहनों पर भरोसा करें और उनकी बुद्धिमत्ता पर विश्वास रखें. 33 प्रतिशत उन्हें यहां आने दीजिए, फिर तय करेंगे कि उनके अंदर कौन-सी श्रेणियां मिलेंगी. पहले वे यहां आएं, हम बाद में फैसला करेंगे.”