सेशेल्स की संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री के तौर पर पीएम मोदी ने भारत और सेशेल्स के बीच दशकों पुराने रिश्तों को नई मजबूती देने का संदेश दिया. नरेंद्र मोदी ने कहा कि 250 साल से भी पहले इस द्वीप पर पहुंचने वाले शुरुआती भारतीयों का सफ़र अब सेशेल्स की आधुनिक कहानी का हिस्सा बन गया है. पीएम मोदी ने रविवार को द्वीप देश की अपनी तीन दिन की यात्रा के दौरान नेशनल असेंबली को संबोधित करते हुए समुद्री सुरक्षा, जलवायु कार्रवाई, युवाओं के विकास और डिजिटल सहयोग पर ज़ोर दिया और सेशेल्स के साथ अपनी साझेदारी को और मज़बूत करने के भारत के संकल्प को दोहराया.

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पीएम मोदी ने क्या कहा?

नेशनल असेंबली में अपने भाषण के दौरान उन्होंने सेशेल्स की मिली-जुली संस्कृति वाली पहचान की तारीफ़ की और दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक रिश्तों पर ज़ोर दिया. सेशेल्स के लोगों को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया भर से आए प्रवासियों की कई पीढ़ियों ने मिलकर विविधता पर आधारित एक अनोखी सेशेल्स पहचान बनाई है. नेशनल असेंबली में एकता का ज़िक्र करते हुए मोदी ने कहा कि ये बात क्रियोल संगीत, पारंपरिक मौत्या डांस और फेस्टिवल क्रियोल में झलकती है, जो देश की समृद्ध विरासत का जश्न मनाते हैं.

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'दोनों देश अजनबी नहीं, दोस्त हैं'

प्रधानमंत्री ने क्रियोल भावना पर ज़ोर देते हुए भारत और सेशेल्स के बीच सांस्कृतिक समानताएं बताईं. उन्होंने कहा कि ये जुड़ाव रोज़मर्रा की ज़िंदगी में दिखता है, जैसे 'कारी कोको', समोसे और चटनी के स्वाद से लेकर दीपावली, थाई पोंगल और नवरात्रि में गरबा के जश्न तक. उन्होंने कहा कि इन साझा परंपराओं ने दोनों देशों के बीच दोस्ती को मज़बूत किया है और उनकी भविष्य की साझेदारी में भरोसा बढ़ाया है. पीएम मोदी को सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'गार्जियन ऑफ़ द ब्लू होराइज़न' से सम्मानित किया जा चुका है, वो इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति वेवेल रामकलावन और सेशेल्स के लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करने वालों का हौसला बढ़ेगा. पीएम मोदी ने याद किया कि 2015 में प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद सेशेल्स हिंद महासागर का पहला देश और उनकी पहली अफ़्रीकी यात्रा का गंतव्य था. उन्होंने कहा कि हिंद महासागर भारत और सेशेल्स को अलग नहीं करता, बल्कि उन्हें जोड़ता है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स अजनबियों की तरह नहीं, बल्कि पुराने दोस्तों की तरह मिलते हैं.

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भारत-सेशेल्स समुद्री साझेदारी

दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी पर ज़ोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स की सुरक्षा, समृद्धि और स्थिरता आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं. ऐतिहासिक संबंधों को याद करते हुए उन्होंने बताया कि 50 साल पहले सेशेल्स की आज़ादी के जश्न के दौरान भारतीय नौसेना का जहाज़ INS नीलगिरि पोर्ट विक्टोरिया में मौजूद था, जबकि अभी देश की गोल्डन जुबली मनाने के लिए INS तरकश और INS इक्षक बंदरगाह पर खड़े हैं. पीएम मोदी ने भारत के महासागर दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया और कहा कि यह हिंद महासागर के देशों के साझा भविष्य को दर्शाता है. सेशेल्स को एक छोटे द्वीप राज्य के बजाय एक बड़ा समुद्री देश कहते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसका समुद्री क्षेत्र लगभग 1.4 मिलियन वर्ग किलोमीटर तक फैला हुआ है और समुद्री संरक्षण और नीली अर्थव्यवस्था में इसके नेतृत्व की प्रशंसा की.

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