प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नॉर्वे में आयोजित इंडिया-नॉर्डिक समिट के दौरान कहा कि भारत और नॉर्डिक देशों के बीच संबंध तेजी से मजबूत हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र, कानून और बहुपक्षीय व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता दोनों पक्षों को साझेदार बनाती है. पीएम मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबिलिटी जैसे क्षेत्रों में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ करीब आठ साल पहले इंडिया-नॉर्डिक सहयोग का ये मंच तैयार किया गया था.

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व्यापार और निवेश में बढ़ोतरी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले दस सालों में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग चार गुना बढ़ा है. साथ ही नॉर्डिक देशों के निवेश में भी करीब 200 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि नॉर्डिक निवेश फंड भारत की तेज आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहे हैं. उन्होंने ये भी बताया कि अक्टूबर 2025 से नॉर्वे, आइसलैंड और बाकी EFTA देशों के साथ ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट लागू हो चुका है. इसके अलावा भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड डील से भी आर्थिक संबंधों को नई मजबूती मिलेगी.

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दुनिया में शांति की जरूरत पर दिया जोर

समिट के दौरान भारत और नॉर्डिक देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्टार्टअप, रक्षा उत्पादन, क्लाइमेट चेंज, क्लीन एनर्जी और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. पीएम मोदी ने कहा कि भारत ग्रीन एनर्जी और ग्रीन ट्रांजिशन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उन्होंने नॉर्वे की साफ ऊर्जा और समुद्री तकनीक में ग्लोबल लीडरशिप की भी सराहना की. पीएम मोदी ने मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और संघर्षों पर चिंता जताते हुए कहा कि भारत और नॉर्डिक देश नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था का समर्थन करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि यूक्रेन और पश्चिम एशिया समेत दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्ष जल्द खत्म होने चाहिए और शांति स्थापित होनी चाहिए. पीएम मोदी ने आतंकवाद पर सख्त रुख दोहराते हुए कहा कि 'नो कम्प्रोमाइज और नो डबल स्टैंडर्ड' की नीति पर भारत कायम रहेगा.

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