भारत के प्रधानमंत्री मोदी आज से 5 देशों की यात्रा पर हैं। आज 15 मई से 20 मई तक वे संयुक्त अरब अमीरात (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नार्वे और इटली के दौरे पर रहेंगे। 5 दिवसीय दौरे के पहले दिन वे UAE पहुंचेंगे और 20 मई को इटली से उनकी भारत वापसी होगी। इन 5 दिन में वे 5 देशों के साथ एनर्जी, टेक्नोलॉजी, डिफेंस, बिजनेस, ट्रेड, क्लाइमेट चेंज समेत कई मुद्दों पर चर्चा और समझौते करेंगे। आइए जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का किस देश के लिए क्या एजेंडा रहेगा और उनका यह 5 देशों का दौरा भारत के लिए कितना जरूरी है?

प्रधानमंत्री के दौरे का रणनीतिक महत्व

बता दें कि पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से अमेरिका-ईरान में तनाव जारी है। वहीं होर्मुज स्ट्रेट ब्लॉक होने के कारण दुनियाभर में ऊर्जा संकट गहराया है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी की 5 देशों की यात्रा भारत के लिए रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण हैं। इस 5 दिवसीय दौरे का प्रधानमंत्री मोदी का मकसद पांचों देशों के साथ ऊर्जा सहयोग और संबंध स्थापित करने पर रहेगा, जिसमें पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ नवीन और अत्याधुनिक ऊर्जा स्त्रोतों के साथ-साथ न्यू टेक्नोलॉजी शामिल है।

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ऊर्जा संबंध स्थापित करने पर फोकस

जनवरी 2026 में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर हुए थे। उसके बाद प्रधानमंत्री मोदी यूरोप की पहली यात्रा पर जा रहे है। इस यात्रा पर भारतीय प्रतिनिधिमंडल पांचों देशों में अपने निर्यात बाजारों की पहुंच सुनिश्चित करने और व्यापारिक संबंध मजबूत करने पर ध्यान देगा। दरअसल भारत अपनी बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए मजबेत, स्थिर और टिकाऊ ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित करना चाहता है। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का फोकस दुनियाभर के देशों के साथ मजबूत ऊर्जा संबंध स्थापित करने पर है।

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UAE में 2 बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे

प्रधानमंत्री आज कुछ घंटे के लिए UAE के अबूधाबी में रुकेंगे, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से होगी। इस दौरान ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े 2 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे। UAE में रहने वाले 45 लाख भारतीयों के हितों की रक्षा पर चर्चा की भी उम्मीद है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) और अबूधाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) LPG के लिए रणनीतिक सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे। भारत में स्ट्रेटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व बनाने के लिए भारत की ISPRL और ADNOC के बीच रणनीतिक तेल भंडार समझौता भी अपेक्षित है।

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ग्रीन हाइड्रोजन और इनोवेशन पर चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी 16-17 मई के बीच नीदरलैंड्स में रहेंगे, जहां वे प्रधानमंत्री रॉब जेटन के साथ ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, इनोवेशन और जल प्रबंधन पर चर्चा करेंगे। क्लीन एनर्जी के सेक्टर में नीदरलैंड्स की विशेषज्ञता जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने में भारत की मदद कर सकती है। नीदरलैंड के बाद प्रधानमंत्री मोदी 17-18 मई को स्वीडन जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन से गोथेनबर्ग में मुलाकात के दौरान ग्रीन ट्रांजिशन, क्लाइमेट चेंज, मॉडर्न टेक्नॉलॉजी और मजबूत सप्लाई चेन पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन के साथ यूरोपियन राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री समित को भी संबोधित करेंगे और कई मुद्दों पर उद्यमियों के साथ चर्चा करेंगे

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नॉर्वे में भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन

43 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री नॉर्वे के दौरे पर जाएंगे, जहां प्रधानमंत्री मोदी प्रधानमंत्री जोनास गार स्टोरे से मुलाकात के बाद इंडिया-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट को संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन में क्लीन और ग्रीन टेक्नोलॉजी, ब्लू इकोनॉमी यानी समुद्री मार्ग पर आधारित अर्थव्यवस्था और भारत-EFTA व्यापार समझौते पर चर्चा करेंगे। 19 मई को नॉर्वे के ओस्लो में तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड के नेताओं के साथ न्यू एनर्जी, ग्रीन ट्रांजिशन, ब्लू इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, डिफेंस, स्पेस और आर्कटिक सहयोग पर चर्चा होगी।

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दौरे के अंतिम दिन 20 मई को प्रधानमंत्री मोदी इटली में होंगे, जहां उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से होगी। इसके बाद वे दिल्ली लौट आएंगे।