प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व राजनीति के मंच पर एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है जो बहुत कम नेताओं के हिस्से आती है. इजरायली संसद ‘नेसेट’ को संबोधित करने के बाद उन्हें वहां के सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से नवाजा गया है. नेसेट के स्पीकर अमीर ओहाना ने पीएम मोदी को यह पदक प्रदान किया. यह सम्मान उनके उस असाधारण नेतृत्व के लिए दिया गया है जिसने भारत और इजरायल के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है. पीएम मोदी इस पदक को पाने वाले दुनिया के पहले नेता बन गए हैं, जिसे उन्होंने दोनों देशों की अटूट दोस्ती को समर्पित किया.
इजरायल और फिलिस्तीन के बीच संतुलन की मिसाल
पीएम मोदी अब दुनिया के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्हें इजरायल और फिलिस्तीन दोनों ने अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा है. इससे पहले साल 2018 में उन्हें फिलिस्तीन का सबसे बड़ा पुरस्कार ‘ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन’ मिल चुका है. यह सम्मान भारत और फिलिस्तीन के पुराने रिश्तों को मजबूती देने के लिए दिया गया था. कूटनीति की दुनिया में यह बहुत बड़ी बात मानी जाती है कि किसी नेता को इन दोनों परस्पर विरोधी पक्षों से इतना ऊंचा सम्मान मिले. यह भारत की संतुलित और निष्पक्ष विदेश नीति की एक शानदार जीत है.
यह भी पढ़ें: 10 अरब डॉलर का मास्टर प्लान! इजरायल दौरे के दूसरे दिन PM मोदी का शेड्यूल क्या?
सांसदों ने ली सेल्फी और मिला स्टैंडिंग ओवेशन
इजरायली संसद में पीएम मोदी का जादू सिर चढ़कर बोला. जब उन्होंने अपना भाषण खत्म किया, तो सभी सांसदों ने अपनी जगह खड़े होकर देर तक तालियां बजाईं और उन्हें ‘स्टैंडिंग ओवेशन’ दिया. भाषण के बाद सांसदों के बीच पीएम मोदी के साथ सेल्फी लेने और हाथ मिलाने की होड़ मच गई. प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इजरायल के साहस और संकल्प की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल का रिश्ता सिर्फ कुछ सालों का नहीं बल्कि दो हजार साल पुराना है, जिसका जिक्र प्राचीन ग्रंथों और इतिहास की किताबों में भी मिलता है.
यहूदी समुदाय और भारत का प्राचीन रिश्ता
अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने भारत में रहने वाले यहूदी समुदाय का विशेष उल्लेख किया. उन्होंने गर्व के साथ कहा कि सदियों पहले जब यहूदी व्यापारी भारत आए, तो वे हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा बन गए. भारत में उनके साथ कभी कोई भेदभाव या उत्पीड़न नहीं हुआ और उन्होंने पूरी आजादी के साथ अपने धर्म का पालन किया. प्रधानमंत्री ने प्राचीन व्यापारिक रिश्तों का हवाला देते हुए बताया कि किस तरह हमारे पूर्वज समुद्र के रास्ते एक-दूसरे से जुड़े हुए थे. आज का यह सम्मान न केवल उनके नेतृत्व की पहचान है बल्कि दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों का जश्न भी है.
संबंधित खबरें
दिल्ली में CJP के प्रदर्शन को क्यों नहीं मिली मंजूरी? DCP नेहा ने गिनाई वजह
49 mins ago'हमने नहीं साइन किया कोई बॉन्ड...', रिहाई के बाद दीपके ने बताया अगला प्लान
1 hr agoदिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो फ्लाइट में पावरबैंक से उठा धुआं, मचा हड़कंप
1 hr agoदिल्ली में CEC के खिलाफ प्रदर्शन, सीपी से नेहा बोरा समेत 100 हिरासत में
2 hrs agoक्या प्रोटेस्ट में शामिल हो सकते हैं दीपके, सौरभ और रांका? जान लें नियम
3 hrs ago'ज्ञानेश कुमार को बचा रही सरकार...', CJP ने केंद्र पर लगाए आरोप
4 hrs agoमेट्रो, हाईवे और रेलवे… PM मोदी ने तमिलनाडु को दी 13,000 करोड़ की सौगात
4 hrs agoहिंदू रक्षा दल के 4 सदस्य गिरफ्तार, CJP प्रोटेस्ट में मारपीट का आरोप
4 hrs ago'सोते हुए उठाया, किडनैप किया गया', रिहा होने के बाद ध्रुव राठी का वीडियो
7 hrs ago'न बैरिकेडिंग न इंटरनेट बंद कर सकते', दिल्ली पुलिस को SC का बड़ा आदेश
7 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines