प्रधानमंत्री मोदी ने पेपर लीक के मामलों को लेकर छिड़े विवाद सुलझाने के लिए एक बड़ी घोषणा की है. उन्होंने पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए और केस के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन करने को ऐलान किया है. इसे लेकर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दे दिए गए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने आज एक ट्वीट लिखा, जिसमें उन्होंने देश के युवाओं के हित और उनके भविष्य को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट लिखकर दिया आदेश

उन्होंने ट्वीट में लिखा कि पेपर लीक के सभी मामलों की जांच कराई जाएगी. दोषियों को जल्द से जल्द दंड देने के लिए और पेपर लीक से जुड़े सभी केसों के जल्द निपटारे के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स गठित होंगी. देश के विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसलों में यह सबसे महत्वपूर्ण फैसला है. देश के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. पेपर लीक करने वालों का कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का कम अब सरकार करेगी.

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कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन और मार्च

नीट पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी 28 जून से दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे हैं. इसी धरने में मशहूर एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठै थे, जिन्हें दिल्ली पुलिस 19 जुलाई को जबरन उठाकर ले गई और अस्पताल में भर्ती करा दिया. इसके अगले दिन कॉकरोच जनता पार्टी ने जंतर-मंतर से संसद कूच किया और रास्ते में प्रदर्शनकारियों का पुलिस से हिंसक टकराव हुआ. पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों से प्रदर्शनकारियों का दमन किया.

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राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का धरना

कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया. राहुल और प्रियंका गांधी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास के सामने धरना दिया. लेकिन पुलिस को इस धरने को भी हिंसक तरीके से खत्म करना पड़ा. पुलिस वाले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस नेताओं को जबरन उठाकर ले गई. सभी को छत्रसाल स्टेडियम, मंदिर मार्ग थाने में हिरासत में रखा गया. देररात सोनिया गांधी थाने पहंचीं और राहुल-प्रियंका समेत कांग्रेसियों को रिहा कराकर ले गईं.

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